​महिलाओं को 50 हजार रुपये देने की चर्चाओं पर अखिलेश का भाजपा सरकार पर तंज, बोले- ‘जो डेढ़ हजार नहीं दे पाए, वे 50 हजार क्या देंगे?’

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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने देश और प्रदेशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने अपने संदेश में कहा कि हमारे देश में संविधान से ही असल स्वाधीनता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि आइए हम सब मिलकर इस पावन स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के संविधान की रक्षा करने और उसकी निरंतरता को बनाए रखने का दृढ़ संकल्प लें।

क्रांतिकारियों के बलिदान और संविधान का महत्व

अखिलेश यादव ने देश के स्वतंत्रता संग्राम को याद करते हुए कहा कि लाखों-लाख हमारे महान क्रांतिकारी शहीद हुए हैं, जिन्हें हम आज के दिन विशेष रूप से याद करते हैं और उन्हें शत-शत नमन करते हैं। उन्हीं अमर सेनानियों के अथक बलिदान और संघर्ष की वजह से आज हमारा यह देश स्वतंत्र हवा में सांस ले रहा है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारा संविधान जितना अधिक मजबूत होगा, हमारा लोकतंत्र भी उतना ही मजबूत बनेगा। आज स्वतंत्रता दिवस के इस पावन पर्व पर हम यह संकल्प भी लेते हैं कि हम हर हाल में संविधान को मजबूत करेंगे और इसके लिए यदि हमें कोई भी बड़ा त्याग करना पड़ा, तो हम पीछे नहीं हटेंगे।

किसानों की स्थिति, शिक्षा और स्वास्थ्य पर सरकार को घेरा

​वर्तमान व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि बड़े दुख के साथ यह कहना पड़ रहा है कि आजादी के इतने लंबे वर्ष बीत जाने के बाद भी यदि आज किसी के सामने सबसे ज्यादा परेशानी और गंभीर चिंता का विषय है, तो वह हमारे देश और प्रदेश का अन्नदाता किसान है। इसके साथ ही उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज सत्ता में जो सरकार काबिज है, वह हमारी शिक्षा व्यवस्था पर सबसे बड़ा संकट पैदा कर रही है, और वर्तमान में तो स्वास्थ्य विभाग का हाल ऐसा हो चुका है कि उसे खुद इलाज की सख्त जरूरत है।

​भाजपा की तिरंगा यात्रा और राष्ट्रवाद पर प्रहार

​भारतीय जनता पार्टी द्वारा निकाली जा रही तिरंगा यात्रा को आड़े हाथों लेते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि जिन लोगों ने इतिहास में कभी तिरंगे का सम्मान नहीं किया, वे आज हाथों में तिरंगा लेकर यात्राएं निकाल रहे हैं। सच्चाई तो यह है कि भाजपा और देश की आजादी एक-दूसरे के विलोम (उल्टा) हैं। इनका राष्ट्रवाद केवल एकरंगी है, जबकि हमारा राष्ट्रवाद इस देश की तरह बहुरंगी और समावेशी है।

लाल किले से दिए जाने वाले बयानों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री को लाल किले से झूठ नहीं बोलना चाहिए, क्योंकि वह स्थान झूठ बोलने का नहीं बल्कि सच कहने का होता है। महिला आरक्षण विधेयक पर बात करते हुए उन्होंने चुनौती दी कि यदि सरकार में दम है तो महिला विधेयक को साल 2027 में ही लागू करके दिखाएं, हम इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं।

​इंफ्रास्ट्रक्चर और पुलिस व्यवस्था पर तीखा कटाक्ष

​सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि क्या कोई इस बात की कल्पना भी कर सकता है कि कानपुर और लखनऊ एक्सप्रेसवे पहली ही बरसात में ढहकर क्षतिग्रस्त हो जाए? सिर्फ 63 किलोमीटर लंबी इस सड़क की लागत चार हजार करोड़ रुपये से ज्यादा है, ज़रा सोचिए कि इसमें अधिकारियों और ठेकेदारों की कितनी जेबें भरी गई होंगी।

उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर प्रहार करते हुए कहा कि इतनी खराब पुलिस कभी नहीं रही होगी, जितनी खराब पुलिस व्यवस्था इस मौजूदा सरकार के कार्यकाल में हो चुकी है। राज्य में सिर्फ ‘पॉलिटिकल मेकअप’ (राजनीतिक दिखावे) के विज्ञापनों और प्रचार के लिए सबसे ज्यादा बजट पानी की तरह बहाया जा रहा है।

महिलाओं को आर्थिक सहायता के वादों पर तंज

प्रदेश में महिलाओं को 50 हजार रुपये दिए जाने की चर्चाओं और दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा अध्यक्ष ने भाजपा सरकार पर कड़ा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो सरकार महिलाओं को अब तक डेढ़ हजार रुपये भी ठीक से नहीं दे पाई, वह भला 50 हजार रुपये क्या देगी?

जनता को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि इनकी किसी भी बात पर बिल्कुल भी भरोसा मत करना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर ‘समाजवादी पेंशन’ योजना को दोबारा से पूरी भव्यता के साथ शुरू किया जाएगा और हर साल 40 हजार रुपये हमारी माताओं-बहनों के खातों में भेजने का काम समाजवादी सरकार द्वारा किया जाएगा।