शंकराचार्य विवाद और मिड-डे मील पर बरसे अखिलेश, बोले— बच्चों के मुंह से दूध छीनने वालों का पाप उन्हें ले डूबेगा

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लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार और धार्मिक अपमान को लेकर चौतरफा हमला बोला। महोबा के एक प्राथमिक विद्यालय का वीडियो साझा करते हुए अखिलेश ने सरकार की मंशा और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए।

​महोबा में ‘महा-मिलावट घोटाला’

महोबा जिले के ढिकवाहा गांव के एक स्कूल का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें रसोइया पानी से भरी बाल्टी में मात्र दो पैकेट (एक लीटर) दूध मिलाकर बच्चों को बांटती नजर आ रही है। इस पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने लिखा, “भाजपा सरकार में बच्चों को ‘पौष्टिक पानी’ मिल रहा है। यह वन-टू का फोर नहीं, बल्कि वन-टू का एट टाइप वाला महा-मिलावट घोटाला है।” उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग बच्चों के मुंह से दूध छीन रहे हैं, उनका भ्रष्टाचार उनके हर काम को कुकर्म में बदल रहा है।

​शंकराचार्य विवाद पर बरसे अखिलेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विधानसभा में शंकराचार्य पद को लेकर दिए गए बयान पर भी अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य जी के बारे में अपमानजनक शब्द बोलना शाब्दिक हिंसा और पाप है। अखिलेश ने निशाना साधते हुए कहा, “जो अपने ऊपर लगे मुकदमे हटवाते हैं, उन्हें किसी और के ‘धर्म-पद’ पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।” “अहकार संस्कार को विकार बना देता है”

अखिलेश ने मुख्यमंत्री के ‘कानून के शासन’ वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब इंसान नहीं, अहंकार बोलता है तो यही होता है। उन्होंने महाकुंभ में हुई मौतों के आंकड़ों और मुआवजे में भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया। सपा प्रमुख ने चेतावनी दी कि जनता अगले चुनाव में वोट के जरिए इस अपमान का जवाब देगी और प्रदेश में नई सरकार बनाएगी।