आगरा खंड एमएलसी चुनाव: नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद साफ हुई तस्वीर, शिक्षक सीट पर 12 और स्नातक सीट पर 13 उम्मीदवार मैदान में

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उत्तर प्रदेश के ताजनगरी आगरा खंड की विधान परिषद (MLC) स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों पर नाम वापसी का समय समाप्त होने के साथ ही चुनावी मुकाबले की तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से तीन निर्दलीय उम्मीदवारों द्वारा अपने नाम वापस लेने के बाद अब इस सीट पर कुल 12 प्रत्याशी चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं, जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में किसी भी उम्मीदवार ने नाम वापस नहीं लिया, जिससे इस सीट पर 13 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमाएंगे।

दोनों ही निर्वाचन सीटों के लिए आगामी 23 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। चुनाव को पूरी तरह निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।

शिक्षक सीट से तीन निर्दलीय उम्मीदवारों ने खींचे हाथ

नाम वापसी के निर्धारित दिन शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे भोज कुमार शर्मा, मदनमोहन शर्मा और सुनील कुमार ने अपने-अपने नामांकन वापस ले लिए। इसके बाद शिक्षक सीट पर प्रत्याशियों की संख्या घटकर 12 रह गई है। वहीं, दूसरी ओर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में किसी भी प्रत्याशी द्वारा नाम वापस न लिए जाने के कारण जांच के बाद बचे सभी 13 उम्मीदवार अंतिम मुकाबले में डटे हुए हैं। दोनों सीटों पर उम्मीदवारों की अंतिम तस्वीर स्पष्ट होने के बाद अब राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों ने जनसंपर्क और प्रचार अभियान को गति दे दी है।

प्रशासन की कड़ी चौकसी, जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात

​जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष बंसल ने चुनाव प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय कर दी हैं। मतदान को शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए 11 जोनल मजिस्ट्रेट और 27 सेक्टर मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति की गई है, जो मतदान केंद्रों से लेकर स्ट्रांग रूम तक की पूरी व्यवस्था पर पैनी नजर रखेंगे। इसके अलावा, निर्वाचन आयोग ने चुनाव की शुचिता बनाए रखने के लिए स्नातक सीट पर आईएएस हीरालाल और शिक्षक सीट पर आईएएस अभिषेक प्रकाश को बतौर प्रेक्षक (Observer) नियुक्त किया है।

​प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। सभी प्रमुख चुनावी कार्यक्रमों और बैठकों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी ताकि नियमों के उल्लंघन पर तुरंत नजर रखी जा सके। मतदान के दिन सभी केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे, जिससे मतदाता बिना किसी डर या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।