आरपीएफ आगरा कैंट ने किया 8 महीने में 45 लाख का गांजा ज़ब्त, 33 गिरफ़्तार

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आगरा: विशाखापट्टनम से हो रही गांजे की तस्करी को आगरा कैंट स्टेशन पर आरपीएफ आगरा कैंट पकड़ा है। गांजा तस्करी को लेकर आरपीएफ आगरा कैंट प्रभारी सुरेंद्र चौधरी मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने गांजा तस्करी पर खुलकर वार्ता की और जनवरी से लेकर अगस्त तक गांजा तस्करों से कितना गांजा बरामद किया इसकी भी जानकारी दी।

8 महीने में पकड़ा 450 किलो गांजा

आरपीएफ आगरा कैंट प्रभारी सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि गांजा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए आरपीएफ और जीआरपी संयुक्त रूप से कार्य कर रही है। दोनों ही टीमों ने मिलकर टीम का गठन किया है जो विशेष रूप से गांजा तस्करों पर निगाह बनाए हुए हैं और उन पर कार्रवाई कर रही है। 1 जनवरी से लेकर 31 अगस्त तक लगभग 450 किलो गांजा बरामद किया जा चुका है। जो गांजा तस्कर पकड़े गए थे उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर उन्हें जेल भी भेजा। पकड़े गए गांजे की बाजारी कीमत लगभग ₹45 लाख है।

33 तस्करों की हुई है गिरफ्तारी

आरपीएफ आगरा कैंट प्रभारी सुरेश चौधरी ने बताया कि जनवरी एक से और 31 अगस्त के बीच लगभग 33 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। जिनके पास से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया गया है। इन सभी पर कानूनी कार्रवाई कर एनडीपीसी एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है।

तस्करी में महिलाएं भी शामिल

आरपीएफ आगरा कैंट प्रभारी सुरेश चौधरी ने बताया कि गांजे की तस्करी में अब महिलाएं भी शामिल हो रही हैं। पुरुष को तो पुलिस तुरंत चेक कर लेती है लेकिन महिला पर शक करना और पूछताछ करना थोड़ा सा कठिन रहता है। इसीलिए गांजा तस्करी का नेटवर्क चलाने वाले तस्करों ने थोड़े से पैसे का लालच देकर महिलाओं को इस गांजे की तस्करी में धकेल दिया है। गांजा तस्कर ऐसे महिला को चुन रहे हैं जिन्हें पैसों की जरूरत होती है। पैसों की लालच में महिलाएं भी अब गांजे की तस्करी में शामिल हो रहीं हैं।

विशाखापट्टनम से आ रहा है गांजा

सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि जितना भी गांजा पकड़ा गया है वह विशाखापट्टनम से आया था। तस्करों ने बताया कि वह गांजा विशाखापट्टनम से लेकर आए हैं और उन्हें दूसरी जगह से पहुंचाना था लेकिन जितने भी तस्कर पकड़े गए हैं उनसे वार्ता हुई है उन्होंने सिर्फ इतना ही बताया कि एक व्यक्ति उनके पास आया और कहा यह पहुंचाना है, वहां पर आपको दूसरा व्यक्ति मिल जाएगा लेकिन वह कौन है और यह माल किसे देना है इसके बारे में कोई भी जानकारी नहीं हो पाई है।

आरपीएफ कैंट प्रभारी ने बताया कि विशाखापट्टनम से चलने वाले गांजा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए हर संभव कवायद की जा रही हैं।

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