आगरा: जनपद में सक्रिय अपराधियों और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध पुलिस और प्रशासन ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में, आगरा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 38 आपराधिक मुकदमों में नामजद कुख्यात अपराधी अलीशेर को अगले छह महीनों के लिए जिला बदर कर दिया है। अपर पुलिस आयुक्त द्वारा जारी इस आदेश के बाद अलीशेर अब जिला प्रशासन की विशेष अनुमति के बिना आगरा जिले की सीमा के भीतर प्रवेश नहीं कर सकेगा।
इतिहास में दर्ज हैं 38 गंभीर मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अलीशेर जगदीशपुरा और लोहामंडी थाना क्षेत्रों का हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। वह लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट, जान से मारने की धमकी, लूट और आर्म्स एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में कुल 38 मुकदमे दर्ज हैं। लगातार बढ़ती आपराधिक वारदातों और क्षेत्र में उसके बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन को कानून-व्यवस्था बिगड़ने की प्रबल आशंका थी।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
अलीशेर की आपराधिक गतिविधियों और उसके इतिहास का विस्तृत ब्यौरा तैयार कर पुलिस ने उसके खिलाफ जिला बदर करने का प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा था। प्रस्ताव की गहन समीक्षा करने के बाद, अपर पुलिस आयुक्त ने ‘उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम’ और लोक व्यवस्था बनाए रखने के प्रावधानों के अंतर्गत उसे छह माह के लिए आगरा जनपद से निष्कासित करने का आदेश जारी किया है।
आदेश का उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने इस आदेश को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। जिला बदर की अवधि के दौरान यदि अलीशेर बिना सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के आगरा जिले की सीमा में प्रवेश करने का दुस्साहस करता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस को इस आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा का संदेश
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ यह अभियान अनवरत जारी रहेगा। जिला बदर जैसी कठोर कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य असामाजिक तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगाना और आम नागरिकों के बीच सुरक्षा का वातावरण बनाए रखना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जो भी व्यक्ति कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करेगा, उसके खिलाफ इसी प्रकार की दंडात्मक और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।


