आगरा पुलिस की बड़ी कामयाबी: केटरिंग कर्मी पर जानलेवा हमले का मुख्य आरोपी 5 महीने बाद गिरफ्तार

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आगरा। थाना एकता क्षेत्र में पिछले वर्ष दिसंबर माह में हुई सनसनीखेज फायरिंग और जानलेवा हमले के मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। घटना के बाद से लगातार फरार चल रहे मुख्य आरोपी भरत जादौन को पुलिस ने करीब पांच महीने की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार धर दबोचा। आरोपी के पास से पुलिस ने अपराध में प्रयुक्त अवैध तमंचा, कारतूस और एक स्विफ्ट कार बरामद की है।

क्या था पूरा मामला?

घटना 24 दिसंबर 2025 की है, जब टीडीआई मॉल के समीप से केटरिंग का काम करने वाला एक युवक गुजर रहा था। इसी दौरान भरत जादौन अपने चार-पांच साथियों के साथ वहां पहुंचा और युवक को जबरन रोक लिया। पहले तो आरोपियों ने युवक के साथ जमकर मारपीट की, और जब पीड़ित ने इसका विरोध किया, तो भरत जादौन ने अवैध तमंचा निकालकर उस पर जानलेवा फायर झोंक दिया। फायरिंग की गूंज से इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों की भीड़ जुटते देख आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।

लंबे समय से चकमा दे रहा था आरोपी

पीड़ित की तहरीर पर थाना एकता पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। आरोपी भरत जादौन की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने राज्य के कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए आरोपी लगातार अपने स्थान और छिपने के ठिकाने बदल रहा था, जिससे उसे ट्रैक करना एक चुनौती बना हुआ था।

​मुखबिर की सूचना पर मिली कामयाबी

12 जून 2026 को पुलिस को एक पुख्ता मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अपने घर के आसपास देखा गया है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी की और भरत पुत्र राजवीर जादौन को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

जल्द ही अन्य साथी भी होंगे गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी भरत जादौन से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि घटना में शामिल उसके अन्य साथियों के ठिकानों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शेष आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और क्षेत्र में दहशत फैलाने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।