Agra News: महिला आयोग की संवेदनशीलता आई सामने, जनसुनवाई में बेहोश महिला को दिलाया तत्काल उपचार

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आगरा। सर्किट हाउस में मंगलवार को आयोजित राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई उस समय अफरा-तफरी में बदल गई, जब एक पीड़ित महिला शिकायत दर्ज कराते समय अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। यह घटना उस वक्त हुई, जब उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान महिला की आपबीती सुन रही थीं। अचानक हुई इस घटना से जनसुनवाई में मौजूद अधिकारी, कर्मचारी और अन्य फरियादी सकते में आ गए।

जानकारी के अनुसार, बेहोश हुई महिला आगरा के बमरौली कटारा क्षेत्र की निवासी है। उसने वर्ष 2023 में बोदला क्षेत्र निवासी अपने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। लंबे समय से मामले में सुनवाई न होने और न्याय न मिलने के कारण महिला मानसिक तनाव और अवसाद में चली गई थी। परिजनों ने बताया कि वह पिछले तीन दिनों से कुछ खा-पी भी नहीं रही थी, जिससे उसकी हालत और अधिक बिगड़ गई।

जनसुनवाई के दौरान जैसे ही महिला अपनी पीड़ा बयां कर रही थी, तभी उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ी। स्थिति को देखते हुए महिला आयोग की अध्यक्ष ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए महिला को प्राथमिक सहायता दी और 108 नंबर पर कॉल कर एंबुलेंस बुलवाई।

हालांकि, सूचना देने के बावजूद एंबुलेंस समय पर सर्किट हाउस नहीं पहुंची। बबीता चौहान स्वयं सर्किट हाउस के गेट पर करीब आधे घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार करती रहीं। करीब 30 मिनट बाद एक साथ तीन एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं, जिसके बाद महिला को उसकी मां के साथ एंबुलेंस में बैठाकर इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया गया। इस दौरान अध्यक्ष ने स्वास्थ्य सेवाओं की देरी पर नाराजगी भी जताई।

घटना ने जनसुनवाई में पहुंचने वाली पीड़ित महिलाओं की मानसिक स्थिति, न्याय प्रक्रिया में हो रही देरी और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की तत्परता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, मौके पर मौजूद लोगों ने महिला आयोग अध्यक्ष की संवेदनशीलता और त्वरित मानवीय कार्रवाई की सराहना की।