आगरा। ताज महोत्सव 2026 के दौरान ताजनगरी का आध्यात्मिक स्वरूप निखरकर सामने आएगा। नगर निगम की ओर से बेलनगंज और एत्मादुद्दौला व्यू पॉइंट पर काशी और हरिद्वार की तर्ज पर भव्य ‘यमुना महाआरती’ का आयोजन किया जाएगा। मंगलवार को महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाहा और नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल ने आयोजन स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों को व्यवस्थाएं चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए।
काशी के विद्वान कराएंगे आरती, दिखेगी ब्रज की सांस्कृतिक झलक
महापौर हेमलता दिवाकर ने बताया कि इस वर्ष महाआरती को और अधिक भव्य बनाने के लिए काशी से विशेष पंडितों और पुरोहितों को आमंत्रित किया गया है। 10 दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में हूबहू गंगा आरती की तर्ज पर यमुना मैया की आराधना की जाएगी। इसके साथ ही प्रतिदिन भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा, जो विदेशी पर्यटकों के लिए भारतीय संस्कृति को समझने का एक जीवंत माध्यम बनेगा।
नदी संरक्षण और गौरव की पुनर्स्थापना का संकल्प
महाआरती का उद्देश्य बताते हुए महापौर ने कहा कि यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यमुना नदी के गौरव को लौटाने और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का अभियान है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी जीवनदायिनी मां यमुना और अपनी जड़ों से जोड़ना ही इस आयोजन का मुख्य लक्ष्य है।
अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल ने घाटों की सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के कड़े निर्देश दिए। इस दौरान सहायक नगरायुक्त अशोक प्रिय गौतम सहित नगर निगम की पूरी टीम मौजूद रही। यह आयोजन ताज महोत्सव के मुख्य आकर्षणों में से एक होने जा रहा है, जो पर्यटकों को ताज की सुंदरता के साथ-साथ यमुना की आध्यात्मिकता से भी रूबरू कराएगा।

