Agra News: प्रदेशीय विद्युत व्यवस्था जांच समिति ने की बिजली व्यवस्था की समीक्षा, सभापति अंगद कुमार सिंह ने दिए कड़े निर्देश

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आगरा। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की प्रदेशीय विद्युत व्यवस्था संबंधी जांच समिति की बैठक मंगलवार को नवीन सर्किट हाउस सभागार में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति अंगद कुमार सिंह ने की। बैठक में समिति के सदस्य मानवेन्द्र प्रताप सिंह, सत्यपाल सिंह सैनी, विजय शिवहरे और आकाश अग्रवाल मौजूद रहे।

बैठक में जनपद आगरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी के जिलाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में बिजली आपूर्ति, रखरखाव, उपभोक्ता शिकायतों के निस्तारण, विद्युत चोरी पर नियंत्रण और विजिलेंस कार्यवाही की समीक्षा की गई।

बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी आगरा अरविंद मल्लप्पा बंगारी, जिलाधिकारी मैनपुरी अंजनी कुमार सिंह और सहायक पुलिस आयुक्त रामबदन सिंह ने सभापति और समिति सदस्यों का पुष्पगुच्छ, मोमेंटो और शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया।

मुख्य बिंदु एवं निर्देश:

बिजली आपूर्ति और रखरखाव:

समिति ने निर्देश दिया कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में तय रोस्टर के अनुरूप निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। ट्रांसफार्मरों के रखरखाव को सुदृढ़ बनाया जाए तथा टोल-फ्री नंबर 1912 पर प्राप्त शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए।

विद्युत चोरी पर सख्त कार्रवाई:

विद्युत चोरी और अवैध कनेक्शनों पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए गए। साथ ही विजिलेंस कार्यवाही में पारदर्शिता बरतने पर जोर दिया गया।

सरकारी संस्थानों में बिजली कनेक्शन:

समिति ने पंचायत भवनों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सामुदायिक शौचालयों में बिजली कनेक्शन की स्थिति की जानकारी ली और सभी स्थानों पर कनेक्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

ट्रांसफार्मर क्षमता और लोड प्रबंधन:

चीफ अभियंता कपिल सिंधवानी ने बताया कि आगरा में 4.5 लाख से अधिक उपभोक्ता हैं और कुल 54,437 ट्रांसफार्मर स्थापित हैं। जिन क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर बार-बार खराब हो रहे थे, वहां उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं।

हाईटेंशन लाइन शिफ्टिंग:

विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइनों के विस्थापन पर चर्चा हुई। आगरा में 93, फिरोजाबाद में 80 और मैनपुरी में 36 विद्यालय प्रभावित हैं। शासन द्वारा धनराशि निर्गत की जा चुकी है। सभापति ने एक माह के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

दुर्घटना और मुआवजा:

विद्युत दुर्घटनाओं से हुई जनहानि और मुआवजा भुगतान पर जानकारी दी गई। मैनपुरी में 20 नागरिक और 2 लाइनमैन की मृत्यु हुई है, जबकि आगरा में कोई मानव दुर्घटना नहीं हुई। सभी पीड़ित परिवारों को मुआवजा प्रदान किया जा चुका है।

किसानों को बिल माफी का लाभ:

सभापति ने निर्देश दिया कि निजी नलकूप संचालकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। बताया गया कि जिन किसानों ने 31 मार्च 2023 तक अपने पुराने बिलों का भुगतान किया है, उनका पंजीकरण किया जा चुका है.

उपभोक्ता शिकायतें और मीटर रीडर व्यवस्था:

आगरा में 202, मैनपुरी में 127 और फिरोजाबाद में 177 मीटर रीडर कार्यरत हैं। सभापति ने छह माह में इनके कार्यक्षेत्र बदलने के निर्देश दिए।

पिछले छह महीनों में मैनपुरी में 27,441 और फिरोजाबाद में 50,963 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका निस्तारण किया गया है।

सभापति ने कहा – जनता को मिले निर्बाध बिजली आपूर्ति

सभापति अंगद कुमार सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार जनता को निर्बाध बिजली आपूर्ति और बेहतर विद्युत प्रबंधन देने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि सुधारों के साथ उपभोक्ताओं की अपेक्षाएं भी बढ़ी हैं, इसलिए विद्युत वितरण तंत्र को और अधिक समन्वित व जवाबदेह बनाना आवश्यक है।

उन्होंने निर्देश दिया कि अच्छे उपभोक्ताओं को सम्मानित किया जाए और डीवीवीएनएल शिकायतों के निस्तारण में टोरंट निगम लिमिटेड की तरह त्वरित रेस्पॉन्स सुनिश्चित करे।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, अपर जिलाधिकारी (वि/रा) शुभांगी शुक्ला, चीफ अभियंता कपिल सिंधवानी सहित तीनों जनपदों के अधिकारी उपस्थित रहे।

-up18News