आगरा। जिले में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जनहित में हेल्थ एडवायजरी जारी की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने जनपद की सभी स्वास्थ्य इकाइयों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश देते हुए कहा है कि प्रदूषण से उत्पन्न होने वाली बीमारियों के उपचार के लिए पूरी तैयारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है।
संवेदनशील वर्ग पर अधिक खतरा
सीएमओ ने बताया कि वायु प्रदूषण का सबसे अधिक असर बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों पर पड़ता है। इसके अलावा ऐसे श्रमिक जो लगातार प्रदूषित वातावरण में काम करते हैं, वे भी उच्च जोखिम में हैं। उन्होंने अपील की कि जरूरत होने पर ही घर से बाहर निकलें और बाहर जाते समय मास्क का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें।
गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के लिए विशेष सावधानी
डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर वायु प्रदूषण का प्रभाव अधिक खतरनाक हो सकता है। इससे श्वसन तंत्र, हृदय और मस्तिष्क से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने परिवारों से बच्चों को खुले प्रदूषित वातावरण में ले जाने से बचाने की सलाह दी।
कई सामाजिक वर्ग भी जोखिम की जद में
सीएमओ के अनुसार निम्न सामाजिक-आर्थिक स्थिति में रहने वाले लोग, कुपोषित व्यक्ति, खराब आवास में रहने वाले परिवार, तथा खाना पकाने, हीटिंग और रोशनी के लिए अवैध या प्रदूषणकारी ईंधन का उपयोग करने वाले लोग भी जोखिम में हैं।
इसके साथ ही यातायात पुलिस, निर्माण श्रमिक, सड़क सफाई कर्मचारी, रिक्शा चालक, ऑटो चालक, सड़क किनारे विक्रेता और अन्य खुले वातावरण में कार्य करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। घरेलू कार्य करने वाली महिलाएं, आग पर खाना पकाने और धूल के संपर्क में रहने वाले लोगों को भी अपने स्वास्थ्य को लेकर सचेत रहने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं को किया गया मजबूत
वायु प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए जनपद की स्वास्थ्य इकाइयों में तैयारियां बढ़ा दी गई हैं। सीएमओ ने बताया कि अस्पतालों में डॉक्टरों और स्टाफ को प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों के उपचार का प्रशिक्षण, मरीजों की देखभाल, आपातकालीन व रेफरल सेवाएं, एंबुलेंस और आउटरीच सेवाएं, आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता, डायग्नोस्टिक लैब सुविधाएं, ऑक्सीजन, नेबुलाइज़र, वेंटिलेटर जैसे आवश्यक मेडिकल उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
सतर्कता ही बचाव
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि प्रदूषण के इस दौर में सावधानी बरतें, मास्क का प्रयोग करें, अनावश्यक बाहर निकलने से बचें और किसी भी प्रकार की सांस संबंधी परेशानी होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

