आगरा : मण्डलायुक्त नगेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार को सिकंदरा योजना स्थित आवास विकास परिषद के ‘ग्रीन एन्क्लेव’ (सेक्टर 2सी) का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आवासीय परिसर की बदहाली और नौ सालों से फ्लैट न बिक पाने की स्थिति पर कमिश्नर ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को फटकार लगाते हुए मरम्मत और सुविधाओं में विस्तार के कड़े निर्देश दिए।
करोड़ों की संपत्ति धूल फांक रही, 96 में से केवल 6 फ्लैट आवंटित
अधीक्षण अभियंता ने आयुक्त को अवगत कराया कि ग्रीन एन्क्लेव योजना वर्ष 2017 में लॉन्च हुई थी। इसमें कुल 96 फ्लैट निर्मित हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि पिछले 9 वर्षों में मात्र 6 फ्लैट ही बिक पाए हैं। वर्तमान में परिषद द्वारा ‘प्रथम आओ-प्रथम पाओ’ योजना के तहत 15% की भारी छूट दी जा रही है, इसके बावजूद ग्राहक रुचि नहीं ले रहे हैं।
निरीक्षण में खुली पोल: सीलन, टूट-फूट और जर्जर दीवारें
आयुक्त ने जब फ्लैट्स का स्थलीय निरीक्षण किया, तो दावों की पोल खुल गई। निर्माण को 9 साल से अधिक समय बीतने के कारण फ्लैट्स जर्जर हालत में मिले। कमरों में भीषण सीलन, खिड़की-दरवाजों में टूट-फूट और बिल्डिंग का बाहरी प्लास्टर उखड़ा हुआ पाया गया। रख-रखाव के अभाव में करोड़ों की यह आवासीय योजना खंडहर में तब्दील होती दिखी।
कमिश्नर के कड़े निर्देश: क्लब हाउस और जिम का बनेगा प्रस्ताव
मण्डलायुक्त ने स्पष्ट किया कि बिना सुविधाओं और अच्छी हालत के कोई भी ग्राहक फ्लैट नहीं खरीदेगा। उन्होंने निम्नलिखित निर्देश दिए:
जीर्णोद्धार: पूरी बिल्डिंग और फ्लैट्स की तत्काल मरम्मत, रंगाई-पुताई और सफाई कराई जाए।
फिटिंग चेक: बिजली और पानी की पाइपलाइनों की फिटिंग का दोबारा परीक्षण कर उन्हें सुचारू किया जाए।
नई सुविधाएं: परिसर में जिम, क्लब हाउस और कम्युनिटी सेंटर जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के लिए कार्ययोजना बनाकर मुख्यालय भेजें।
रेरा अनुमोदन: संशोधित ले-आउट के लिए रेरा (RERA) से तत्काल अनुमोदन लिया जाए।

