आगरा के पत्रकार लक्ष्मण शर्मा ने पेश की इंसानियत की मिसाल; घर से भटकी 4 साल की मासूम को अपनों से मिलवाया

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आगरा: ताजनगरी में जहाँ एक ओर अपराध की खबरें विचलित करती हैं, वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ पत्रकार लक्ष्मण शर्मा जी के एक सराहनीय कार्य ने समाज में इंसानियत का भरोसा जगाया है। अपनी सूझबूझ और अथक प्रयासों से उन्होंने थाना सदर क्षेत्र में रास्ता भटक गई एक 4 वर्षीय मासूम बच्ची को सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुँचाकर एक ‘देवदूत’ की भूमिका निभाई।

​बोल नहीं पा रही थी बच्ची, घंटों की मशक्कत के बाद मिली कामयाबी

​मामला थाना सदर क्षेत्र का है, जहाँ एक 4 साल की मासूम बच्ची अपने घर से भटक गई थी। बच्ची इतनी डरी हुई थी कि वह अपना नाम या घर का पता तक बताने में असमर्थ थी। जैसे ही यह मामला वरिष्ठ पत्रकार लक्ष्मण शर्मा जी के संज्ञान में आया, उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए उन्होंने तत्काल पुलिस से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किन्हीं कारणों से संपर्क नहीं हो पाया।

खुद संभाली जिम्मेदारी: गली-गली खाक छानकर ढूंढा परिवार

समय की संवेदनशीलता को देखते हुए लक्ष्मण शर्मा जी ने पुलिस का इंतज़ार करने के बजाय खुद ही बच्ची के परिजनों की तलाश शुरू कर दी। बच्ची के कुछ न बोल पाने के कारण परिवार को ढूंढना एक बड़ी चुनौती थी। कई घंटों की कड़ी मशक्कत और स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने के बाद, आखिरकार वह बच्ची के माता-पिता को ढूंढने में सफल रहे।

​”हर बच्ची में होती है माता रानी”: परिजनों ने जताया आभार

​जब मासूम को उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया, तो परिवार की आँखों में खुशी के आँसू छलक आए। परिजनों ने लक्ष्मण शर्मा जी की निस्वार्थ सेवा के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि नवरात्र के इस पावन समय में लक्ष्मण जी ने एक कन्या (जो माता रानी का रूप होती है) की रक्षा कर सच्ची पूजा की है।

लक्ष्मण शर्मा का यह कार्य न केवल पत्रकारिता जगत के लिए गर्व का विषय है, बल्कि समाज के हर नागरिक के लिए एक प्रेरणा भी है कि संकट के समय हमें निस्वार्थ भाव से एक-दूसरे की मदद के लिए तत्पर रहना चाहिए।