थिएटर से विज्ञापन और फिर ‘धुरंधर’ तक का सफर: अभिनेता आदित्य उप्पल ने साझा किए करियर के उतार-चढ़ाव

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मुंबई (अनिल बेदाग): सफलता रातों-रात नहीं मिलती, इसके पीछे सालों की तपस्या छिपी होती है। फिल्म ‘धुरंधर’ में ‘एएसपी उमर हैदर’ के दमदार किरदार से सुर्खियां बटोरने वाले अभिनेता आदित्य उप्पल ने अपनी इस कामयाबी के पीछे छिपे 8 साल के लंबे संघर्ष की कहानी साझा की है। पूजा चौधरी के चर्चित पॉडकास्ट ‘इन-कंट्रोवर्शियल’ में उन्होंने बेबाकी से बताया कि कैसे थिएटर की दुनिया से निकलकर बड़े पर्दे तक पहुँचने का उनका सफर चुनौतियों से भरा रहा।

​असफल ऑडिशन से विज्ञापन की दुनिया तक

आदित्य उप्पल ने बताया कि अभिनय का जुनून उन्हें मुंबई तो ले आया, लेकिन यहाँ की राह आसान नहीं थी। आर्थिक जिम्मेदारियों और दर्जनों असफल ऑडिशन के दौर में उन्होंने खुद को संभाले रखा और विज्ञापन (Ads) की दुनिया में पहचान बनाई। हालांकि, उनका दिल हमेशा अभिनय के लिए धड़कता रहा, जिसके परिणामस्वरूप आज वे ‘धुरंधर’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं।

संजय दत्त और रणवीर सिंह के साथ काम का अनुभव

सेट के अनुभवों को साझा करते हुए आदित्य ने बताया कि संजय दत्त के साथ स्क्रीन शेयर करना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा था। वहीं, रणवीर सिंह की तीव्रता और काम के प्रति उनके समर्पण ने उन्हें हर सीन में बेहतर करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने निर्देशक आदित्य धर की सराहना करते हुए उन्हें एक बेहद “शांत और अनुशासित” कप्तान बताया, जिनकी कार्यशैली ने हर कलाकार को अपना सर्वश्रेष्ठ देने का मौका दिया।

​किरदार के लिए बहाया पसीना

‘एएसपी उमर हैदर’ के किरदार को विश्वसनीय बनाने के लिए आदित्य ने कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने बताया कि इस रोल के लिए उन्होंने विशेष रूप से हथियार चलाने का प्रशिक्षण लिया और एक पुलिस अधिकारी की बॉडी लैंग्वेज पर घंटों काम किया। आदित्य के मुताबिक, फिल्म की रिलीज के बाद जब उन्होंने अपने माता-पिता की आँखों में गर्व देखा, तो उन्हें लगा कि उनका 8 साल का इंतज़ार सफल हो गया।

विवादों पर बेबाक राय

फिल्म पर हो रही विभिन्न बहसों के बीच आदित्य उप्पल का रुख साफ है। उन्होंने कहा कि ‘धुरंधर’ एक सच्चे इरादे और कड़ी मेहनत से बनी फिल्म है। दर्शकों से मिल रहा अपार प्यार ही फिल्म की सफलता की सबसे बड़ी गूँज और पुष्टि है।