दीपावली से पहले झुनझुना बजाकर सोए जनप्रतिनिधियों को जगाया: यमुना की दुर्दशा पर आगरा में रिवर एक्टिविस्ट्स का अनोखा प्रदर्शन

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आगरा। दीपावली का पावन त्योहार नजदीक है और बाजारों में उत्सव की चमक बिखरने लगी है। लेकिन ताजनगरी आगरा की जीवनरेखा मानी जाने वाली यमुना नदी की निरंतर होती बदहाली पर प्रशासनिक तंत्र और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता कायम है। इसी बेरुखी के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए और सोए हुए राजनीतिक नेतृत्व को उनकी सार्वजनिक जिम्मेदारियां याद दिलाने के अनोखे मकसद से ‘रिवर कनेक्ट कैंपेन’ के सदस्यों ने रविवार को यमुना आरती स्थल पर ‘झुनझुना दिवस’ का आयोजन किया।

​कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं और शहर के गणमान्य नागरिकों ने हाथों में झुनझुने बजाकर सरकारी तंत्र की बेरुखी का प्रतीकात्मक व शांतिपूर्ण विरोध जताया। इस मौके पर आरती स्थल पर “आगरा को क्या मिला? झुनझुना, झुनझुना!” के तीखे नारे गूंजते रहे।

​बैराज निर्माण और साबरमती मॉडल पर रिवरफ्रंट की मांग

​रिवर कनेक्ट कैंपेन के संयोजक बृज खंडेलवाल ने कहा कि उनका संगठन वर्षों से यमुना के पुनर्जीवन की जायज मांगों को लेकर संघर्षरत है। उन्होंने मांग की कि सूखी और प्रदूषित हो चुकी यमुना में सालभर स्वच्छ जल का अविरल प्रवाह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही ताजमहल के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में प्रस्तावित बैराज का निर्माण जल्द शुरू हो, नदी की तलहटी से गाद व गंदगी हटाकर व्यापक सफाई अभियान चलाया जाए, यमुना बेसिन की सहायक नदियों का संरक्षण हो और अहमदाबाद की साबरमती नदी की तर्ज पर आगरा में भी रिवरफ्रंट विकसित किया जाए। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि तमाम राजनीतिक घोषणाओं के बावजूद धरातल पर कोई ठोस बदलाव नहीं आया है, जो ताजनगरी के निवासियों के लिए अत्यंत पीड़ादायक है।

​”यमुना केवल नदी नहीं, समूचे ब्रज की जीवनरेखा”

प्रदर्शन के दौरान डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य ने उम्मीद जताई कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले प्रदेश सरकार यमुना पर बैराज निर्माण का कार्य व्यावहारिक रूप से शुरू करेगी। उन्होंने रेखांकित किया कि यमुना केवल एक जलस्रोत नहीं, बल्कि पूरे ब्रज मंडल की सांस्कृतिक और पर्यावरणीय जीवनरेखा है। इसके संरक्षण के लिए अब समयबद्ध और पारदर्शी कदम उठाने की जरूरत है। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन किसी उत्सव का हिस्सा नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों को उनके चुनावी वादों और सार्वजनिक दायित्वों का स्मरण कराने का एक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण प्रयास है।

यमुना आरती और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण का संकल्प

कार्यक्रम के समापन अवसर पर गोस्वामी नंदन श्रोत्रिय ने विशेष यमुना आरती संपन्न कराई, जिसमें उपस्थित सभी सदस्यों ने यमुना के पुनरुद्धार और ब्रज की समृद्ध प्राकृतिक व सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का दृढ़ संकल्प दोहराया।

इस मौके पर डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य, डॉ. हरेंद्र गुप्ता, चतुर्भुज तिवारी, मीरा खंडेलवाल, डॉ. ज्योति खंडेलवाल, विशाल झा, राकेश गुप्ता, जगन प्रसाद तेहरिया, पंडित जुगल किशोर, अभिनव, डॉ. मुकुल पंड्या, पद्मिनी अय्यर, शशिकांत उपाध्याय, रंजन शर्मा, मुकेश चौधरी, दिनेश शर्मा सहित कई पर्यावरण प्रेमी व नागरिक प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।