आगरा में ‘मई’ में ‘सावन’ का अहसास: कड़कती बिजली और गरजते बादलों के बीच झमाझम बारिश, गर्मी से मिली बड़ी राहत

स्थानीय समाचार

आगरा: ​भीषण गर्मी और तपती उमस के बीच ताजनगरी आगरा के लोगों के लिए शुक्रवार की सुबह एक बड़ी राहत लेकर आई। पिछले दो दिनों से बदले मौसम के मिजाज ने आज सुबह करीब 11 बजे रौद्र लेकिन सुहाना रूप अख्तियार कर लिया। आसमान में छाई काली घटाओं और बिजली की तेज गड़गड़ाहट के साथ शुरू हुई झमाझम बारिश ने शहर को सराबोर कर दिया। आलम यह था कि मई की चिलचिलाती धूप की जगह सावन-भादो जैसी झड़ी लगी नजर आई।

शहर के अलग-अलग हिस्सों में अलग मिजाज

बारिश का वितरण शहर में मिला-जुला रहा। जहां कमला नगर, न्यू आगरा और संजय प्लेस जैसे व्यावसायिक और रिहायशी इलाकों में जोरदार बारिश हुई, वहीं शाहगंज और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बौछारों ने ही दस्तक दी। तेज हवाओं और कड़कड़ाती बिजली ने जहां एक ओर मौसम सुहावना बनाया, वहीं बिजली की भीषण चमक से कुछ लोग सहमे हुए भी नजर आए।

कहीं फसलों को जीवनदान, कहीं नुकसान का डर

आगरा के पड़ोसी जिले फिरोजाबाद में तो बारिश के साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) भी दर्ज की गई है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, यह बारिश मक्का और बाजरा की फसल के लिए ‘अमृत’ के समान है, क्योंकि इससे खेतों की नमी बढ़ेगी। हालांकि, मूंग और उड़द जैसी दलहनी फसलों के लिए यह पानी आफत बन सकता है। जलभराव के कारण इन फसलों के खराब होने की आशंका जताई जा रही है।

आम जनमानस ने लिया आनंद

मौसम बदलते ही शहर के पर्यटन स्थलों और बाजारों में रौनक बढ़ गई। सड़क किनारे चाय और पकौड़ी के ठेलों पर लोगों की लंबी कतारें देखी गईं। बच्चों ने छतों पर चढ़कर बेमौसम बारिश का जमकर लुत्फ उठाया। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के चलते आए इस बदलाव ने लोगों को फिलहाल लू के थपेड़ों से सुरक्षित कर लिया है।

​मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ घंटों तक बादल छाए रहेंगे और रुक- रुककर हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और बिजली कड़कने के समय पेड़ों या खंभों के नीचे न खड़े होने की सलाह दी है।