विज्ञान के क्षेत्र में भारत की बड़ी छलांग: लोढ़ा फाउंडेशन ने लॉन्च किया देश का पहला निजी फंडिंग वाला ‘थ्योरिटिकल फिजिक्स रिसर्च इंस्टीट्यूट’

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​मुंबई। भारत को एक विकसित राष्ट्र और वैश्विक ज्ञान शक्ति बनाने की दिशा में लोढ़ा फाउंडेशन ने एक ऐतिहासिक शुरुआत की है। मुंबई के लोढ़ा वर्ल्ड टॉवर में देश के पहले निजी तौर पर वित्त पोषित ‘लोढ़ा थ्योरिटिकल फिजिक्स इंस्टीट्यूट’ (LTPI) का शुभारंभ किया गया। इस संस्थान का मुख्य लक्ष्य दुनिया के शीर्ष वैज्ञानिकों को एक साथ लाकर फंडामेंटल फिजिक्स के क्षेत्र में ऐसी खोजों को बढ़ावा देना है, जो भविष्य की दिशा तय कर सकें।

​विश्व स्तरीय नेतृत्व और विजन

इस संस्थान की सबसे बड़ी ताकत इसका नेतृत्व है। LTPI की कमान प्रसिद्ध वैज्ञानिक और प्रतिष्ठित वुल्फ प्राइज विजेता प्रोफेसर जैनेंद्र के. जैन के हाथों में है। प्रोफेसर जैन की ‘कॉम्पोजिट फर्मियंस’ (Composite Fermions) पर हुई रिसर्च ने क्वांटम फिजिक्स के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। संस्थान का विजन नोबेल स्तर के शोध को प्रोत्साहित करना है, ताकि भारत से विज्ञान के क्षेत्र में विश्व स्तरीय नवाचार सामने आ सकें।

ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की ओर कदम

लोढ़ा फाउंडेशन के ट्रस्टी और लोढ़ा डेवलपर्स के एमडी एवं सीईओ, अभिषेक लोढ़ा ने इस पहल के पीछे के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा, “हमारा मानना है कि उत्कृष्टता (Excellence) ही सबसे अधिक प्रभाव पैदा करती है। LTPI भारत को ज्ञान और अनुसंधान की वैश्विक शक्ति बनाने में एक मील का पत्थर साबित होगा।”

​फाउंडेशन के चीफ मेंटर आशीष कुमार सिंह ने संस्थान के दर्शन को साझा करते हुए कहा कि जब दुनिया के असाधारण दिमाग एक साथ एक मंच पर आते हैं, तो असाधारण परिणामों का जन्म होता है। LTPI इसी सोच को वास्तविकता में बदलने का एक प्रयास है।

​यह संस्थान न केवल भौतिकी के कठिन रहस्यों को सुलझाने में मदद करेगा, बल्कि भारत में शोध संस्कृति (Research Culture) को एक नई ऊँचाई पर ले जाएगा, जो भविष्य की पीढ़ी के वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।