आगरा: ताजनगरी आगरा में उत्तर प्रदेश विधान परिषद की आगरा खंड शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन सीटों के लिए चल रही नामांकन प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। सोमवार को मंडलायुक्त कार्यालय के बाहर जबरदस्त चुनावी सरगर्मी और गहमागहमी का माहौल देखने को मिला। पर्चा दाखिल करने की आखिरी समय-सीमा नजदीक होने के कारण कार्यालय के बाहर उम्मीदवारों का ऐसा तांता लगा कि एक प्रत्याशी अपना नामांकन पत्र जमा करके बाहर निकल भी नहीं पाता था, उससे पहले ही अगला उम्मीदवार और उसके समर्थक कतार में खड़े नजर आने लगे।
इस दौरान सभी राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपने समर्थकों की फौज के साथ जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। प्रत्याशियों ने अपनी सियासी ताकत दिखाने के साथ-साथ जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों को अनोखे और दिलचस्प तरीकों से उजागर करने का प्रयास किया। किसी उम्मीदवार ने पारंपरिक तांगे की सवारी करके पर्चा भरा, तो कोई खुद ई-रिक्शा चलाकर ढोल-नगाड़ों के शोर के साथ मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचा।
निर्वाचन नियमों के तहत मंगलवार को नामांकन प्रक्रिया का आखिरी दिन है, जिसके चलते सोमवार को रिकॉर्ड संख्या में प्रत्याशियों ने अपने पर्चे दाखिल किए। इस वजह से कमिश्नर कार्यालय के आसपास का पूरा इलाका दिनभर राजनीतिक गतिविधियों का मुख्य केंद्र बना रहा।
सपा प्रत्याशियों ने निकाला भव्य काफिला
समाजवादी पार्टी की ओर से घोषित शिक्षक एवं स्नातक एमएलसी उम्मीदवारों ने सोमवार को अपने-अपने नामांकन पत्र पूरी ताकत के साथ दाखिल किए। सपा के शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल और स्नातक एमएलसी प्रत्याशी शशांक यादव अपने सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ नामांकन स्थल के लिए निकले। दोनों नेताओं का यह विशाल काफिला फतेहाबाद रोड स्थित मुख्य समाजवादी पार्टी कार्यालय से रवाना हुआ। पूर्वाह्न करीब 11 बजे दोनों उम्मीदवार अपने समर्थकों के भारी हुजूम के साथ मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचे और अपनी विधिवत नामांकन प्रक्रिया पूरी की।
हाल ही में समाजवादी पार्टी का दामन थामने वाले शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह लंबे वक्त से क्षेत्र के शिक्षकों के बीच जनसंपर्क कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सपा परिवार के साथ जुड़ने से उन्हें मजबूत राजनीतिक समर्थन और संगठन की बड़ी ताकत हासिल हुई है। उन्होंने मुख्य रूप से शिक्षकों की लंबित समस्याओं और उनकी मांगों को लेकर चुनावी समर में डटकर उतरने का ऐलान किया।
अमरीश पाल सिंह पहुंचे सबसे पहले
उधर, निर्दलीय शिक्षक एमएलसी उम्मीदवार अमरीश पाल सिंह सोमवार को सुबह-सुबह सबसे पहले अपने समर्थकों के भारी-भरकम काफिले के साथ नामांकन दर्ज कराने पहुंचे। उनके साथ बड़ी तादाद में उनके शुभचिंतक मौजूद थे। इस दौरान मंडलायुक्त कार्यालय के बाहर प्रत्याशियों के समर्थकों में खासा जोश और उत्साह साफतौर पर दिखाई दे रहा था, जो अपने-अपने नेताओं के समर्थन में लगातार नारेबाजी कर रहे थे।
तीन तांगों पर सवार होकर आए मदन मोहन शर्मा, सरकार पर बोला हमला
निर्दलीय शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी मदन मोहन शर्मा ने अपना नामांकन दर्ज कराने के लिए बेहद अनोखा और पारंपरिक मार्ग चुना। वह एक नहीं बल्कि तीन-तीन तांगों के काफिले के साथ मंडलायुक्त कार्यालय के प्रांगण में पहुंचे। उनके इस नायाब अंदाज ने वहां मौजूद हर शख्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
मदन मोहन शर्मा ने इस दौरान सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि आज की मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों और आसमान छूती महंगाई के कारण सामान्य नागरिकों के लिए तो निजी वाहन या कार चलाना भी एक सपना बनता जा रहा है। उन्होंने अपने प्रमुख मुद्दों, समस्याओं और मांगों को जनता तक पहुंचाने के लिए 10 प्रमुख मांगों से जुड़ी एक लंबी माला अपने गले में पहन रखी थी, जो कार्यालय परिसर में खासी चर्चा का विषय बनी रही।
ई-रिक्शा चलाकर पहुंचे राहुल राज
निर्दलीय स्नातक एमएलसी उम्मीदवार डॉ. राहुल राज कुलश्रेष्ठ ने भी अपने नामांकन को जनता के बीच चर्चा का केंद्र बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने आवास विकास सेक्टर-14 स्थित राज रॉयल गार्डन से अपनी नामांकन यात्रा का श्रीगणेश विधिवत पूजा-अर्चना और नारियल फोड़कर किया। इस मौके पर उनके परिवार के करीबी सदस्य, तमाम समर्थक और आगरा मंडल के विभिन्न जिलों से आए चुनाव प्रभारी मौजूद रहे। इसके पश्चात उन्होंने ई-रिक्शा के जरिए अनूठी नामांकन यात्रा शुरू की और खुद स्टीयरिंग थामकर ई-रिक्शा चलाते हुए मंडलायुक्त कार्यालय की ओर रवाना हुए।
उनका यह अनूठा अंदाज सीधे तौर पर युवाओं के रोजगार के ज्वलंत मुद्दे से जुड़ा हुआ था। उन्होंने हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार के एक उपमुख्यमंत्री द्वारा युवाओं को रोजगार के वैकल्पिक साधन के तौर पर ई-रिक्शा चलाने की सलाह देने वाले बयान पर करारा तंज कसा।
आजाद समाज पार्टी के दक्ष यादव ने भी ठोकी ताल
आजाद समाज पार्टी के टिकट पर शिक्षक एमएलसी पद के प्रत्याशी दक्ष यादव ने भी सोमवार को अपना आधिकारिक नामांकन दाखिल कर दिया। उनके मैदान में उतरने से अब शिक्षक और स्नातक दोनों ही सीटों पर मुकाबला बेहद दिलचस्प और बहुकोणीय होता हुआ नजर आ रहा है।
मंगलवार को नामांकन के अंतिम दिन भी कई और पर्चे दाखिल होने की पूरी संभावना है। ऐसे में नामांकन पत्रों की छंटनी और अंतिम सूची जारी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इस बार चुनावी रण में कुल कितने उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
शक्ति प्रदर्शन और जनमुद्दों की जंग
सोमवार को मंडलायुक्त कार्यालय पर जिस तरह का सियासी नजारा देखने को मिला, वह इस बात का पुख्ता प्रमाण था कि आगरा खंड की शिक्षक और स्नातक एमएलसी सीटों की लड़ाई इस मर्तबा केवल परंपरागत राजनीतिक दलों के बीच सिमटी हुई नहीं है। मैदान में उतरे निर्दलीय प्रत्याशी भी अपने-अपने स्थानीय मुद्दों और अनोखे प्रतीकों के जरिए मतदाताओं को साधने की कोशिश कर रहे हैं। किसी ने तांगे पर सवार होकर बढ़ती महंगाई और आम आदमी के दर्द को उजागर किया, तो किसी ने ई-रिक्शा के माध्यम से बेरोजगारी के मुद्दे पर हुंकार भरी।
वहीं दूसरी ओर, राजनीतिक दलों के अधिकृत उम्मीदवारों ने अपने संगठनात्मक ढांचे और कार्यकर्ताओं की ताकत के बल पर पर्चे भरे। मंगलवार को नामांकन प्रक्रिया के समापन के बाद चुनावी तस्वीर पूरी तरह से साफ हो जाएगी। इसके बाद सभी उम्मीदवारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती शिक्षक और स्नातक मतदाताओं के बीच अपनी पैठ बनाने और उनका भरोसा जीतने की होगी। बहरहाल, आगरा मंडल की इन दोनों अहम सीटों पर चुनावी पारा अब तेजी से परवान चढ़ रहा है।
