आगरा। ताजनगरी आगरा के भगवान टॉकीज चौराहे के समीप स्थित प्रसिद्ध शहीदे सालिस की मजार पर इन दिनों अकीदत और रूहानी माहौल का जबरदस्त सैलाब उमड़ रहा है। अवसर है सालाना मजलिसों और ‘याद-ए-शोहदा शहीदे सालिस’ के पावन आयोजन का। इसमें शिरकत करने के लिए आगरा ही नहीं, बल्कि देश के दूर-दराज के शहरों और इलाकों से हजारों की तादाद में जायरीन पहुंच रहे हैं। मजार परिसर को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया गया है, जहां अकीदतमंद मजलिसों में शामिल होकर अपनी अकीदत के फूल पेश कर रहे हैं।
6 से 9 नवंबर तक चलेगा मजलिसों का दौर
सालाना आयोजन के तहत 6 से 9 नवंबर तक लगातार धार्मिक मजलिसों का सिलसिला जारी रहेगा। इस दौरान रोज सुबह से देर रात तक जायरीन की आमद से पूरा मजार परिसर गुलजार बना हुआ है। जायरीन की सुविधा के लिए परिसर व आसपास खान-पान और धार्मिक सामग्रियों की अस्थाई दुकानें सजाई गई हैं। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यहां अनवरत चलने वाला विशाल लंगर है, जहां प्रतिदिन हजारों लोगों के लिए भोजन-पानी का सुचारू प्रबंध किया गया है। मजलिसों में उलेमा-ए-किराम शहीदे सालिस की शहादत, उनके उच्च आदर्शों और कुर्बानियों पर विस्तार से रोशनी डाल रहे हैं।
“नई पीढ़ी को शहीदों के आदर्शों से परिचित कराने का मौका”
आयोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डॉ. मिर्जा शफीक हुसैन शफ्फाक ने कहा, “शहीदे सालिस की याद में आयोजित होने वाली यह सालाना मजलिसें केवल एक मजहबी आयोजन नहीं हैं, बल्कि यह उनकी महान कुर्बानी, हक (सच्चाई) और इंसानियत के पैगाम को आत्मसात करने का अवसर हैं। इन मजलिसों के जरिए नई पीढ़ी को अपने शहीदों के इतिहास और आदर्शों से परिचित कराया जाता है। इतनी बड़ी संख्या में अकीदतमंदों की मौजूदगी इस बात का सबूत है कि लोगों के दिलों में शहीदे सालिस के प्रति अगाध श्रद्धा है।”
लंगर सेवा से मिल रहा भाईचारे का संदेश
वहीं, सैय्यद मंजूर अहमद ने कहा, “दूर-दराज से आने वाले जायरीन के ठहरने, मजलिसों और लंगर की विशेष व्यवस्था की गई है। आयोजन का मूल उद्देश्य शहीदे सालिस की शहादत और उनके बताए सीधे रास्ते पर चलने की प्रेरणा देना है। यहां संचालित लंगर की परंपरा समाज में सेवा, प्रेम और आपसी सौहार्द का जीवंत संदेश देती है। हमारी सभी अकीदतमंदों से अपील है कि वे मजलिसों में बढ़-चढ़कर शिरकत करें और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।”
वर्तमान में यह मजार परिसर अकीदत, धार्मिक अनुशासन और कौमी एकता की एक मिसाली तस्वीर पेश कर रहा है।

