मुंबई/नई दिल्ली: देश में बीमा पॉलिसियां बेचने वाले एजेंटों, बैंकों, ब्रोकरों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की कमाई पर बड़ा असर डाल सकने वाले भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) के एक नए प्रस्ताव ने शेयर बाजार में हड़कंप मचा दिया है। इस प्रस्ताव के सामने आने के बाद बीमा और बीमा वितरण से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली है। Policybazaar की मूल कंपनी ‘PB Fintech’ का शेयर 24 सितंबर को लुढ़ककर करीब 36 फीसदी तक नीचे आ गया। हालांकि, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि IRDAI ने अभी तक कोई अंतिम सर्कुलर या नया नियम लागू नहीं किया है, बल्कि 23 सितंबर को जारी किया गया यह दस्तावेज केवल एक ‘कंसल्टेशन पेपर’ (विचार-विमर्श पत्र) है।
IRDAI ने ‘Recalibrating Economics of Insurance Distribution’ नाम से जारी इस प्रस्ताव में बीमा वितरण की मौजूदा व्यवस्था की पूरी समीक्षा करते हुए कमीशन और डिस्ट्रीब्यूशन खर्च को नए सिरे से तय करने का सुझाव दिया है। प्रस्ताव के मुताबिक, कमीशन की व्यवस्था अब केवल पॉलिसी के प्रकार पर ही निर्भर नहीं रहेगी, बल्कि इसे उत्पाद (Product), वितरण चैनल, पॉलिसी के आकार, उत्पाद की जटिलता और उसे बेचने में लगने वाली मेहनत जैसे कई आधारों से जोड़ा जा सकता है।
हेल्थ और टर्म पॉलिसियों पर ज्यादा असर की आशंका
इस नए प्रस्ताव का सबसे अधिक असर हेल्थ, टर्म और मोटर इंश्योरेंस जैसे क्षेत्रों में मिलने वाले कमीशन पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, कुछ श्रेणियों में कमीशन मौजूदा स्तर की तुलना में काफी कम हो सकता है। नई हेल्थ और टर्म पॉलिसियों के कमीशन में बड़ी कटौती की संभावना है, जबकि मोटर ओन-डैमेज पॉलिसियों में भी कमी का प्रस्ताव है। यही वजह है कि बीमा वितरण कारोबार पर निर्भर कंपनियों के भविष्य के रेवेन्यू को लेकर निवेशकों के मन में गहरी चिंता बढ़ गई है।
PB Fintech पर इसका असर सबसे स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। चूंकि Policybazaar का मुख्य कारोबार बीमा वितरण से जुड़ा हुआ है, इसलिए निवेशकों को आशंका है कि यदि यह प्रस्तावित कमीशन व्यवस्था लागू होती है, तो प्रति पॉलिसी कंपनी की कमाई सीधे तौर पर प्रभावित होगी। 24 सितंबर को PB Fintech का शेयर करीब 36 फीसदी की भारी गिरावट के साथ लगभग 1210 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। इस बड़ी गिरावट के कारण कंपनी के बाजार पूंजीकरण (Market Capitalization) में एक ही दिन में करीब 31,425 करोड़ रुपये की भारी कमी दर्ज की गई।
अन्य बीमा शेयर भी रहे दबाव में
बाजार में इस गिरावट का असर केवल PB Fintech तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका दायरा अन्य कंपनियों पर भी दिखा। Turtlemint के शेयर में भी करीब 20 फीसदी की जोरदार गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, बीमा क्षेत्र की बड़ी कंपनियों जैसे HDFC Life के शेयर करीब 6.2 फीसदी, Max Financial Services के 9.8 फीसदी और ICICI Prudential Life के शेयर 4.23 फीसदी नीचे आए। हालांकि, बाजार में सभी कंपनियों के शेयर नहीं टूटे; LIC और SBI Life के शेयर लगभग स्थिर बने रहे, जबकि ICICI Lombard और Go Digit जैसे कुछ सामान्य बीमा शेयरों में तेजी भी देखने को मिली।
खर्च घटाने और ग्राहक हित पर भी दिया गया जोर
IRDAI के इस प्रस्ताव में बीमा कंपनियों के ‘मैनेजमेंट खर्च’ (Expenses of Management – EoM) को भी चरणबद्ध तरीके से कम करने की बात कही गई है। जीवन बीमा कंपनियों के लिए EoM को दो साल के भीतर घटाकर 15 फीसदी और पांच साल में 12.5 फीसदी तक लाने का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं, सामान्य बीमा कंपनियों के लिए पांच साल में इसकी सीमा 30 फीसदी से घटाकर 20 फीसदी करने का सुझाव दिया गया है।
इसके साथ ही, बड़े बीमा वितरकों के लिए कमीशन संरचना में अधिक पारदर्शिता लाने, कर्ज (लोन) के साथ बीमा को अनिवार्य रूप से जोड़े जाने पर रोक लगाने और गलत तरीके से पॉलिसी बेचने (मिस-सेलिंग) के मामलों में कमीशन वापस वसूलने जैसी सख्त व्यवस्था का भी प्रस्ताव किया गया है।
फिलहाल इन तमाम प्रस्तावों पर संबंधित पक्षों और स्टेकहोल्डर्स से राय ली जाएगी, इसलिए इसे अभी से लागू हो चुका नियम मान लेना जल्दबाजी होगी। शेयर बाजार में आई मौजूदा प्रतिक्रिया मुख्य रूप से इस आशंका पर आधारित है कि यदि ये प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं, तो बीमा वितरण कंपनियों की कमाई और उनके मौजूदा बिजनेस मॉडल पर भारी दबाव आ सकता है।
