यूपी मानसून सत्र का हंगामेदार आगाज: विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी और नीट पेपर लीक को लेकर सरकार को घेरा

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। सत्र के पहले ही दिन विधानसभा के बाहर भारी हंगामा देखने को मिला। समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के विधायकों ने राम मंदिर चढ़ावे में चोरी, नीट पेपर लीक, बिजली संकट और खाद की किल्लत जैसे ज्वलंत मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। सपा विधायकों ने इस दौरान विधानसभा के बाहर ‘चंदा चोर…गद्दी छोड़’ के नारे भी लगाए।

विपक्ष ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया

नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने स्पष्ट किया कि विपक्ष इन मुद्दों पर सरकार को सदन के अंदर जवाबदेह बनाएगा। उन्होंने कहा, “प्रभु राम के चढ़ावे पर डाका डाला गया है, जो कि हमारा सबसे प्रमुख मुद्दा है। इसके अलावा सदन में बिजली, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।”

सपा विधायक कमाल अख्तर ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि किसानों को खाद उपलब्ध नहीं हो रही है और बिजली आपूर्ति के दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार पर निजीकरण को बढ़ावा देने और सरकारी नौकरियों में कटौती करने का आरोप लगाया।

​पोस्टर और साइकिल पर अनोखा प्रदर्शन

सपा विधायक ज़ाहिद बेग अपनी साइकिल पर सवार होकर विधानसभा पहुंचे। उनके हाथों में ‘हम राम को लाए हैं, हम चंदा खाएंगे…’ लिखे पोस्टर थे, जिनमें अयोध्या राम मंदिर के चंदे में कथित गबन और E20 पेट्रोल के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था। वहीं, अन्य सपा विधायक दानपेटी में चिल्लर भरकर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे, जो सरकार की नीतियों के प्रति उनके विरोध का प्रतीक था।

सत्र की अवधि पर भी उठे सवाल

सपा विधायक कमाल अख्तर ने सरकार द्वारा बुलाए गए मात्र 4 दिन के सत्र पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की समस्याओं पर चर्चा करने के लिए सत्र कम से कम 15 दिनों का होना चाहिए था। विपक्ष का आरोप है कि सरकार इन गंभीर विषयों पर चर्चा से बचने के लिए सत्र की अवधि को छोटा रखना चाहती है। सरकार की ओर से इन प्रदर्शनों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने आक्रामक तेवर अपना लिए हैं।