बुलंदशहर में सिपाही की आत्महत्या पर आगरा में हंगामा: परिजनों ने की मुकदमा दर्ज करने की मांग, अंतिम संस्कार से किया इनकार

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आगरा। बुलंदशहर के लखावटी पुलिस चौकी पर तैनात आगरा निवासी सिपाही सुधीर सिंह की आत्महत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। गुरुवार तड़के सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर जान देने वाले सिपाही का शव जब आगरा स्थित पैतृक गांव पहुंचा तो परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि जब तक आत्महत्या के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।

इस बीच आत्महत्या से पहले का एक कथित ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें सिपाही ने थाना प्रभारी और दो मुंशियों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बुलंदशहर एसएसपी ने थाना प्रभारी और दोनों मुंशियों को लाइन हाजिर कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं।

बताया गया कि देर रात सुधीर सिंह की किसी परिचित से फोन पर बातचीत हुई। इसके बाद वह करीब तीन बजे लखावटी मध्य गंग नहर की पटरी पर पहुंच गए। उनके पीछे-पीछे साथी सिपाही सौरभ शर्मा भी वहां पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान सुधीर सिंह ने पहले सर्विस राइफल से हवाई फायर किया। सौरभ शर्मा तत्काल चौकी पहुंचकर पुलिस को सूचना देने चले गए। पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही सुधीर सिंह ने सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली। गोली गर्दन में लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसएसपी दिनेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी।

शव गांव पहुंचते ही फूट पड़ा परिवार का दर्द

पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही सुधीर सिंह का शव उनके पैतृक गांव सिंगेचा पहुंचा, परिवार में कोहराम मच गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और वह बार-बार यही कहती रहीं, मेरा बेटा मुझे लौटा दो। परिजनों ने अंतिम संस्कार से साफ इनकार करते हुए मांग रखी कि पहले आत्महत्या के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।

मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी परिजनों को कार्रवाई का भरोसा दिलाते रहे। पूर्व विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह भी गांव पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में डीजीपी से भी बात की गई है।

वायरल ऑडियो में प्रताड़ना के आरोप

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित ऑडियो में सुधीर सिंह स्वयं को प्रताड़ना का शिकार बताते हुए सुनाई दे रहे हैं। ऑडियो में वह कह रहे हैं कि 13 जुलाई को उनके पेट में तेज दर्द था और उन्होंने इसकी जानकारी मुंशी अंकित गुर्जर को दी थी, लेकिन उनकी छुट्टी नहीं दी गई। उनका आरोप है कि जब उन्होंने अपनी समस्या थाना प्रभारी राहुल चौधरी को बताई तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

ऑडियो में वह कहते सुनाई दे रहे हैं कि प्रताड़ना से तंग आकर वह “इस नौकरी और जिंदगी से त्यागपत्र दे रहे हैं।” ऑडियो में एक अन्य व्यक्ति की आवाज भी सुनाई देती है, जो उन्हें समझाने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, वायरल ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

एसएसपी ने की त्वरित कार्रवाई

वायरल ऑडियो का संज्ञान लेते हुए बुलंदशहर एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने थाना प्रभारी राहुल चौधरी, मुंशी अंकित गुर्जर और मुंशी सुधीर कुमार को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। तीनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।