आगरा: थाना ट्रांस यमुना पुलिस ने अंतरराज्यीय शराब तस्करों के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने एक कैंटर और कार से 350 पेटी अवैध शराब बरामद की है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 50 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस की इस कार्रवाई से तस्करों के गिरोह में हड़कंप मच गया है।
पुलिस को गुमराह करने के लिए अपनाया अनोखा तरीका
तस्करों ने पुलिस की नज़रों से बचने के लिए शातिराना तरीका अपनाया था। शराब की पेटियों को छुपाने के लिए कैंटर में धान की भूसी के बोरों का इस्तेमाल किया गया था, ताकि किसी को शक न हो। हालांकि, मुखबिर की सटीक सूचना पर ट्रांस यमुना पुलिस ने घेराबंदी कर वाहनों को धर दबोचा।
पंजाब से झारखंड का था सफर
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि यह शराब पंजाब में बनाई गई थी और इसे हरियाणा के रास्ते झारखंड भेजा जा रहा था। गिरोह का मुख्य सरगना सोनीपत (हरियाणा) निवासी भूपेंद्र दहिया बताया जा रहा है, जबकि दीपक नामक व्यक्ति इस पूरे नेटवर्क के संचालन और लोकेशन की निगरानी कर रहा था। पुलिस अब इन दोनों मुख्य आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने मौके से तीन तस्करों बभूतराम निवासी बाड़मेर (राजस्थान) – कैंटर चालक, अनिल कुमार निवासी पानीपत (हरियाणा), जगदीप निवासी पानीपत (हरियाणा) को गिरफ्तार किया है।
नेटवर्क की गहराई से जांच
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि तस्कर पूरे रास्ते मोबाइल फोन और चैटिंग के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में थे। वे पुलिस की मूवमेंट की जानकारी आपस में साझा करते हुए सुरक्षित रास्ता चुनते थे। अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में अवैध शराब सप्लाई कर रहा था। फिलहाल, बरामद मोबाइल फोन और साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके ठिकानों की गहन छानबीन की जा रही है।


