आगरा। बिहार के भोजपुर जिले के बेलौठी गांव में 17 जून 2026 को 27 वर्षीय युवा सामाजिक कार्यकर्ता भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। अब इस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमाशंकर शर्मा ने मोर्चा खोलते हुए भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
’फर्जी एनकाउंटर का जघन्य मामला’
वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने इस घटना को ‘फर्जी एनकाउंटर’ करार देते हुए कहा कि भरत भूषण तिवारी एक जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता थे, जो बाढ़ पीड़ितों और स्थानीय जन समस्याओं के लिए निरंतर आवाज उठा रहे थे। शर्मा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सुनियोजित तरीके से उनकी हत्या की है। उन्होंने दावा किया कि भरत भूषण तिवारी ने पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया था और अपनी रिवॉल्वर भी उनके हवाले कर दी थी, इसके बावजूद निहत्थे युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
भाजपा पर ‘ब्राह्मण विरोधी’ होने का आरोप
रमाशंकर शर्मा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “भाजपा शासन में ब्राह्मणों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है। जिस तरह उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों के साथ व्यवहार हो रहा है, अब बिहार में भी भाजपा शासन उसी राह पर है।” उन्होंने कहा कि इस घटना ने भाजपा के तथाकथित ‘सबका साथ’ के दावे की पोल खोल दी है और उसका ‘ब्राह्मण विरोधी चेहरा’ पूरी तरह से बेनकाब हो गया है।
प्रधानमंत्री और भाजपा की चुप्पी पर सवाल
कांग्रेस नेता ने इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि “इस जघन्य हत्याकांड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूरी भाजपा पार्टी मौन क्यों है?” उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
इस घटना के बाद से स्थानीय स्तर पर आक्रोश व्याप्त है और पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग जोर पकड़ रही है। विपक्षी नेताओं के बयानों ने राज्य सरकार के लिए एक कठिन परिस्थिति पैदा कर दी है, जहाँ प्रशासन के लिए इस कथित एनकाउंटर को न्यायसंगत ठहराना चुनौतीपूर्ण होगा।


