ऐतिहासिक उपलब्धि: उत्तर प्रदेश का निर्यात पहली बार 2 लाख करोड़ के पार, देश के ‘टॉप-5’ निर्यातक राज्यों में हुआ शामिल

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आगरा की शानदार धमक: प्रदेश के शीर्ष 5 निर्यातक जिलों में बरकरार, दर्ज किया 8,907 करोड़ का निर्यात

आगरा। उत्तर प्रदेश ने वैश्विक व्यापार के मानचित्र पर एक नई इबारत लिखते हुए निर्यात के क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित किया है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस (FIEO) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य का कुल निर्यात पहली बार 2 लाख करोड़ रुपये की सीमा को पार कर 2,01,241 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। पिछले वर्ष यह आंकड़ा 1,86,059 करोड़ रुपये था, जो प्रदेश की बढ़ती औद्योगिक धाक को प्रमाणित करता है।

विकास के इंजन: ओडीओपी और एमएसएमई

राज्य की इस सफलता के पीछे ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) योजना और एमएसएमई (MSME) क्षेत्र का व्यापक विस्तार मुख्य प्रेरक शक्ति बनकर उभरे हैं। बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधाएं और राज्य सरकार की निर्यात-अनुकूल नीतियों ने हस्तशिल्प, इंजीनियरिंग, कालीन और चमड़ा उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती दी है। आंकड़ों के अनुसार, मांस उत्पादों में 30%, औद्योगिक मशीनरी में 26%, चमड़ा उत्पादों में 16% और रेशम उद्योग में रिकॉर्ड 156% की वृद्धि दर्ज की गई है।

आगरा का जलवा: शीर्ष 5 में बरकरार

जिलावार प्रदर्शन में गौतमबुद्ध नगर 97,703 करोड़ रुपये के साथ राज्य में शीर्ष पर है। वहीं, आगरा ने 8,907 करोड़ रुपये के निर्यात के साथ प्रदेश के शीर्ष पांच निर्यातक जिलों में अपनी साख बचाए रखी है। अमेरिका, यूके, यूएई, जर्मनी और नेपाल हमारे उत्पादों के सबसे बड़े उपभोक्ता बनकर उभरे हैं।

विशेषज्ञों की राय

​”यह उपलब्धि प्रदेश के निर्यातकों, उद्यमियों और सरकार की नीतियों का सामूहिक परिणाम है। वैश्विक बाजार में हमारे हस्तशिल्प, इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की बढ़ती मांग यह दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश अब निर्यात का प्रमुख हब बनने की ओर अग्रसर है।”
— आलोक श्रीवास्तव, प्रमुख, FIEO उत्तर प्रदेश

​”आगरा का टॉप-5 में बने रहना स्थानीय फुटवियर और चमड़ा उद्योग की मेहनत का प्रमाण है। यदि हम आधुनिक तकनीक और डिजिटल नवाचार को और तेजी से अपनाएं, तो हम देश के अग्रणी औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी स्थिति को और अधिक सुदृढ़ कर पाएंगे।”
— गोपाल गुप्ता, अध्यक्ष, AFMEC

​”सरकार की उद्योग-उन्मुखी नीतियां और निवेश समिट के प्रयासों का असर अब धरातल पर दिख रहा है। एआई (AI), डिज़ाइन नवाचार और कौशल विकास पर जोर देकर हम जल्द ही देश के शीर्ष तीन निर्यातक राज्यों में अपना स्थान सुरक्षित करने की क्षमता रखते हैं।”
— पूरन डावर, चेयरमैन, DCFLI