आगरा का उद्योग जगत लामबंद: बिजली, गैस और मेंटेनेंस शुल्क के खिलाफ चैम्बर का प्रदर्शन, मंडलायुक्त को सौंपा ज्ञापन

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आगरा। ताजनगरी का औद्योगिक क्षेत्र इन दिनों गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है। ताज संरक्षित क्षेत्र (TTZ) में बढ़ती प्रशासनिक बंदिशों, गेल गैस की कथित उदासीनता और यूपीसीडा (UPSIDA) द्वारा थोपे गए भारी रख-रखाव शुल्क के विरोध में उद्योग जगत का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है।

नेशनल चैम्बर ऑफ इंडस्ट्री एंड कॉमर्स का एक प्रतिनिधिमंडल, अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल के नेतृत्व में मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप से मिला और उद्योगों की इन समस्याओं पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

​बिजली कनेक्शन पर ‘टीटीजेड’ का हवाला, उद्योगपति परेशान

चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने मंडलायुक्त को अवगत कराया कि ताज संरक्षित क्षेत्र के नाम पर ‘वाइट कैटेगरी’ और प्रदूषण न फैलाने वाले उद्योगों (जैसे हैंडीक्राफ्ट और ब्रश उद्योग) को भी नया बिजली कनेक्शन देने से इंकार किया जा रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि जब उद्योग में न तो उत्पादन बढ़ रहा है और न ही स्वामित्व में बदलाव, तो फिर कनेक्शन क्यों रोका जा रहा है? उन्होंने कहा कि गैस जनरेटर अब अप्रचलित हो चुके हैं, ऐसे में बिजली कनेक्शन न मिलना उद्योगों की कमर तोड़ रहा है।

गेल गैस की मनमानी और ओवरड्राल बिल

प्रतिनिधिमंडल ने गेल गैस प्रबंधन पर भी तीखे हमले किए। अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मंत्रालय से गैस आवंटन में कोई कटौती नहीं होने के बावजूद, पिछले तीन महीनों से उद्योगों को जबरन ‘ओवरड्राल’ के प्रोविजनल बिल भेजे जा रहे हैं। चैम्बर ने चेतावनी दी कि गेल गैस का यह रवैया उद्योगपतियों में भारी असंतोष पैदा कर रहा है। उन्होंने मंडलायुक्त से गेल गैस अधिकारियों और उद्योग प्रतिनिधियों की तत्काल एक आपात बैठक बुलाने की मांग की है।

यूपीसीडा का शुल्क ‘अन्यायपूर्ण’

यूपीसीडा द्वारा लगाए जा रहे ₹35 प्रति वर्ग मीटर रख-रखाव शुल्क को उद्यमियों ने ‘अतिरिक्त आर्थिक बोझ’ करार दिया है। पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि उद्यमी पहले ही नगर निगम को कर अदा कर रहे हैं, इसके बावजूद यह दोहरा शुल्क अन्यायपूर्ण है। उन्होंने प्रयागराज का उदाहरण देते हुए शुल्क घटाकर ₹21 प्रति वर्ग मीटर करने की मांग की।

सेटेलाइट बस अड्डे का संचालन शुरू करने की मांग

जाम और प्रदूषण से राहत के लिए पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल ने वर्षों से लंबित ‘सेटेलाइट बस अड्डे’ का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि फाउंड्री क्षेत्र में तैयार यह बस अड्डा 14 फरवरी 2026 से ही उद्घाटन का इंतजार कर रहा है। यदि यहां से हाथरस, अलीगढ़ और मेरठ रूट की 350 बसों का संचालन शुरू हो जाए, तो आगरा शहर को जाम से बड़ी राहत मिलेगी।

​मंडलायुक्त का आश्वासन

समस्याओं को सुनने के बाद मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप ने त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि 1 जून को होने वाली टीटीजेड समिति की बैठक में विद्युत कनेक्शन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा। साथ ही, गेल गैस और उद्योग प्रतिनिधियों के बीच जल्द ही एक संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी ताकि गैस बिलों के विवाद का समाधान निकाला जा सके।

प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष मनोज बंसल के साथ उपाध्यक्ष अम्बा प्रसाद गर्ग, विनय मित्तल, सीताराम अग्रवाल, मनीष अग्रवाल और प्रशांत जैन शामिल रहे।