लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात बिछने के साथ ही राजनीतिक पोस्टर वार ने हिंसक रूप लेना शुरू कर दिया है। बदायूं, उन्नाव और शाहजहांपुर समेत सूबे के कई जिलों में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और पार्टी के खिलाफ लगाए गए विवादित पोस्टरों ने सियासी माहौल को गरमा दिया है। इन होर्डिंग्स में सपा नेतृत्व पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं, जिसके विरोध में सपा कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह प्रदर्शन कर होर्डिंग्स को फाड़ दिया है और सरकार को घेरा है।
बदायूं, उन्नाव और शाहजहांपुर में उबाल
मंगलवार सुबह शहर के प्रमुख मार्गों पर लगे पोस्टरों में सपा मुखिया के साथ एक बच्ची का चित्र लगाकर ‘महिला विरोधी सपाई’ जैसे आपत्तिजनक नारे लिखे गए थे। इसे देखते ही सपा कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा का जनाधार खिसक रहा है, इसलिए वह ओछी राजनीति पर उतर आई है।
उन्नाव के मुख्य मार्गों पर लगे विवादित पोस्टरों के सामने आते ही सपा नेताओं ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सपा नेताओं ने इसे सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश करार दिया। सिटी मजिस्ट्रेट राजीव राज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि बिना अनुमति लगाए गए पोस्टरों और उनमें मौजूद आपत्तिजनक सामग्री पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शाहजहांपुर में कैंट, सदर और कचहरी रोड सहित शहर के मुख्य चौराहों पर बीती रात अज्ञात तत्वों ने पोस्टर चिपका दिए। सुबह जब सपा कार्यकर्ताओं की नजर इन पर पड़ी, तो हड़कंप मच गया। सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खान ने इसे पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराई विरोधी ताकतों की साजिश बताया है। उन्होंने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज खंगालकर दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
सपा कार्यकर्ताओं का आरोप: ‘भाईचारे का माहौल बिगाड़ने की साजिश’
प्रदर्शनकारी सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह केवल पोस्टर लगाने का मामला नहीं है, बल्कि समाज में नफरत फैलाने की एक सुनियोजित साजिश है। सपा जिला अध्यक्ष तनवीर खान ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इन शरारती तत्वों को बेनकाब नहीं किया, तो पार्टी पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा एकता और सौहार्द की राजनीति करती है, जिसे विरोधी दल पचा नहीं पा रहे हैं।
प्रशासन ने शुरू की जांच
विभिन्न जिलों में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के व्यक्तिगत और अपमानजनक होर्डिंग्स लगाने की अनुमति नहीं है। संबंधित स्थानों की वीडियोग्राफी और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जिसने भी ये होर्डिंग्स लगाए हैं, उनकी पहचान कर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।


