फतेहपुर सीकरी: विधानसभा क्षेत्र फतेहपुर सीकरी के गांव सूरौठी में विकास की एक नई इबारत लिखी गई है। यहाँ शनिवार को एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान 25 लाख रुपये की लागत से तैयार हुई खारी नदी की रपट और तीन बड़ी पानी की टंकियों का विधि-विधान से लोकार्पण किया गया। इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से गांव की तस्वीर बदलने के साथ ही ग्रामीणों की बुनियादी समस्याओं का समाधान हो गया है।
आवागमन और पेयजल की समस्या का हुआ अंत
ग्रामीणों के लिए यह लोकार्पण एक बड़े उत्सव की तरह रहा। लंबे समय से बरसात के दिनों में खारी नदी के कारण आवागमन बाधित होने की समस्या झेल रहे क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है। रपट के निर्माण से अब ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और किसानों को हर मौसम में सुगम रास्ता मिल सकेगा। इसके अतिरिक्त, तीन नई पानी की टंकियों के चालू होने से गांव की पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ हुई है, जिससे घर-घर स्वच्छ जल पहुंचने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
ग्रामीणों में दिखा भारी उत्साह
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में गांव के वरिष्ठ लोगों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान खजान सिंह सूबेदार, सुखवीर प्रधान, तोरन चाहर, सहदेव, गुड्डा भाई, गोविंद बीडीसी, डॉ. पप्पू, सूरजमल, अविनाश, राहीराम, धनपाल सिंह और रामवीर मास्टर सहित सैकड़ों ग्रामवासी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने इन विकास कार्यों को अपने क्षेत्र की एक बड़ी आवश्यकता बताते हुए खुशी जाहिर की और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
क्षेत्र के दिग्गजों की रही उपस्थिति
लोकार्पण समारोह में जनप्रतिनिधियों का जमावड़ा लगा रहा। कार्यक्रम में बंटी प्रधान, ठाकुर श्याम बाबू प्रधान, ध्रुव सिंह प्रधान, तालेवर प्रधान, गुलाब प्रधान, लाखन सिंह प्रधान, गोविंद सिंह प्रधान, रूप सिंह प्रधान, करतार प्रधान, चोबसिंह प्रधान, भगत प्रधान, सुखवीर प्रधान, गीतम प्रधान, बंटी इन्दोलिया प्रधान, अंकित प्रधान, हरप्रसाद, हरीश चंद्र प्रधान, विशंभर प्रधान, भोलू नेता, संजू सरपंच, संजय गोयल, केशव पंडित, मिथुन लोधी, अशोक लोधी सभासद, प्रदीप डागुर, सुनील चौधरी, दीवान सिंह, समुंद्र सरपंच, सुल्ली नेता, बवली भाई, विकेश चाहर, वीरेंद्र लोधी, लोकेन्द्र सिंह, भरत सिंह, गोविंदा पंडित, मांगे लाल और अशोक प्रधान समेत अनेक गणमान्य लोग और क्षेत्रीय निवासियों ने शिरकत की।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि ये विकास कार्य न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगे, बल्कि गांव के दैनिक जीवन की गुणवत्ता में भी बड़ा सुधार लाएंगे। ग्रामीणों के उत्साह से साफ है कि वे इस विकास की सौगात से बेहद प्रसन्न हैं और इसे क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर मान रहे हैं।


