आगरा में डेटिंग ऐप का ‘हनीट्रैप’: होटल बुलाकर बंधक बनाने और ऑनलाइन वसूली करने वाले गैंग का पर्दाफाश, 4 गिरफ्तार

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आगरा। ताजनगरी आगरा में डेटिंग ऐप के माध्यम से लोगों को जाल में फंसाकर बंधक बनाने और उनसे जबरन वसूली करने वाले एक सक्रिय गैंग का ताजगंज पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के चार शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से पाँच मोबाइल फोन व वारदात में प्रयुक्त एक कार भी बरामद की है।

डेटिंग ऐप से शुरू होता था अपराध का सिलसिला

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह सोशल और डेटिंग ऐप्स के जरिए लोगों से दोस्ती की शुरुआत करता था। विश्वास जीतने के बाद, आरोपी पीड़ितों को मिलने के बहाने किसी होटल में बुलाते थे। जैसे ही पीड़ित होटल के कमरे में पहुँचता, गैंग के सदस्य उसे घेर लेते थे। इसके बाद उसे जान से मारने की धमकी देकर मानसिक दबाव बनाया जाता था और मारपीट की जाती थी।

​क्यूआर कोड के जरिए लूट

एडिशनल डीसीपी हिमांशु गौरव ने बताया कि आरोपी बड़े शातिर तरीके से रकम वसूलते थे। वे पीड़ितों को डरा-धमकाकर क्यूआर कोड स्कैन कराते थे और सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे। बदनामी के डर से कई पीड़ित पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने से कतराते थे, जिसका फायदा यह गैंग उठा रहा था। हाल ही में दो पीड़ितों से क्रमशः 14,000 रुपये और 4,900 रुपये की वसूली की पुष्टि हुई है।

​पुलिस की मुस्तैदी और गिरफ्तारी

मामले का खुलासा तब हुआ जब 21 मई को एक पीड़ित ने ताजगंज थाने में साहस दिखाते हुए एफआईआर दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और विशेष टीम ने घेराबंदी कर होटल के पास से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोमेश्वर, तरुण (निवासी मुरली नगर, ताजगंज), साकिब (निवासी मलको गली, ताजगंज) और शकील (निवासी भांबेवा, जींद, हरियाणा) के रूप में हुई है।

पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस

पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस अब इन बदमाशों के आपराधिक इतिहास और नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। आशंका है कि इस गैंग ने आगरा में कई अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया होगा। पुलिस अन्य पीड़ितों से भी संपर्क कर रही है ताकि इस पूरे संगठित अपराध का दायरा स्पष्ट हो सके।