आगरा: ताजनगरी की साइबर सेल और थाना हरीपर्वत पुलिस ने एक संयुक्त और बड़ी कार्रवाई करते हुए कॉरपोरेट अंदाज में ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने ट्रांसपोर्ट नगर स्थित पुराने बस स्टैंड के पास से एक महिला सहित चार शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से विभिन्न नामी कंपनियों के 38 महंगे लैपटॉप और 74 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
कॉरपोरेट स्टाइल में देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह बेहद शातिराना तरीके से बड़ी-बड़ी फर्जी आईटी कंपनियां (जैसे ‘एमेड्यूस आईटी ग्रुप्स’) के नाम पर ऑनलाइन और फोन के जरिए नामी कंप्यूटर फर्मों से संपर्क करता था। गिरोह की महिला सदस्य प्रोफेशनल तरीके से बातचीत कर और फर्जी दस्तावेज ईमेल कर व्यापारियों का भरोसा जीतती थी। लैपटॉप की डिलीवरी मिलते ही आरोपी अपने सभी मोबाइल नंबर बंद कर गायब हो जाते थे।
संजय प्लेस की फर्म को बनाया था निशाना
इस गैंग ने हाल ही में आगरा के प्रमुख व्यापारिक केंद्र संजय प्लेस स्थित “एम्पायर कंप्यूटर सर्विसेज” से 25 डेल (Dell) लैपटॉप का ऑर्डर देकर डिलीवरी ली थी और बिना भुगतान किए फरार हो गए थे। पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर पुलिस और साइबर सेल ने सर्विलांस और तकनीकी इनपुट के आधार पर जाल बिछाया और आरोपियों को ट्रांसपोर्ट नगर से दबोच लिया।
सस्ते दामों में बेचते थे ठगे गए लैपटॉप
पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि वे ठगी के इन लैपटॉप्स को राह चलते लोगों, छात्रों और छोटे दुकानदारों को बाजार से बेहद सस्ते दामों में बेचकर मोटी रकम कमाते थे। पुलिस ने इनके पास से डेल, एचपी (HP) और लेनोवो (Lenovo) जैसी नामी कंपनियों के सिस्टम बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लाखों में है।
नागपुर से भी जुड़ा है कनेक्शन
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, पकड़ी गई महिला आरोपी और इस गैंग का मुख्य मास्टरमाइंड बेहद शातिर हैं और इससे पहले महाराष्ट्र के नागपुर में भी इसी तरह की बड़ी लैपटॉप ठगी के मामले में जेल जा चुके हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब तक करीब साढ़े छह लाख रुपये की इस डायरेक्ट साइबर ठगी का खुलासा हुआ है, लेकिन गिरोह के बड़े नेटवर्क को देखते हुए आशंका है कि इन्होंने कई अन्य राज्यों में भी वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस गिरोह के अन्य मददगारों की तलाश कर रही है।


