आगरा: ताजनगरी की ऐतिहासिक और सबसे व्यस्त व्यापारिक पीठ ‘मोतीगंज खाद्य मंडी’ को आदर्श मंडी बनाने के प्रशासनिक दावों की जमीनी हकीकत बुधवार को तार-तार हो गई। पिछले कई सालों से बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे स्थानीय व्यापारियों का सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। नगर निगम की लचर कार्यप्रणाली से नाराज व्यापारियों ने तीखा आक्रोश जताते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो वे एक बड़ा और उग्र आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।
कागजों में बनी ‘आदर्श मंडी’, जमीन पर हालात बदतर: महावीर प्रसाद
श्री मोतीगंज खाद्य व्यापार समिति के बैनर तले, अध्यक्ष महावीर प्रसाद मंगल की अगुवाई में व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य से मिला और उन्हें अपनी समस्याओं का एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
व्यापारियों का सीधा आरोप है कि नगर निगम कार्यकारिणी ने पिछले साल 25 सितंबर 2025 को मोतीगंज को ‘आदर्श गल्ला खाद्य मंडी’ घोषित करने का प्रस्ताव तो सर्वसम्मति से पास कर दिया था, लेकिन धरातल पर इसका एक प्रतिशत लाभ भी व्यापारियों को नहीं मिला। सीमित और दिखावटी काम करके इसे आदर्श घोषित कर दिया गया, जबकि हकीकत इसके ठीक उलट है।
अध्यक्ष महावीर प्रसाद मंगल ने दर्द बयां करते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक मंडी में रोजाना हजारों व्यापारियों और ग्राहकों की आवाजाही होती है। इसके बावजूद यहाँ व्यवस्थित पार्किंग तक का इंतजाम नहीं है। दिनभर बड़े-बड़े लोडिंग वाहन सड़कों पर आड़े-तिरछे खड़े रहते हैं, जिसके चलते हर वक्त जाम लगा रहता है और व्यापार पूरी तरह प्रभावित होता है।
अंधेरा, गंदगी और टूटी सड़कें बनीं मंडी की पहचान
व्यापारियों ने नगर निगम को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मंडी की सड़कें पूरी तरह खस्ताहाल हैं और नालियां जगह-जगह से टूटी पड़ी हैं। मामूली बारिश में भी पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है, जिससे व्यापार ठप होने की नौबत आ जाती है। सबसे बड़ी चिंता सुरक्षा को लेकर है; रात के वक्त जब ट्रकों से माल की लोडिंग और अनलोडिंग होती है, तब पर्याप्त स्ट्रीट लाइट न होने की वजह से पूरी मंडी अंधेरे में डूबी रहती है।
समिति के महामंत्री शैलेन्द्र अग्रवाल (शालू) ने साफ-सफाई के मुद्दे पर नाराजगी जताते हुए कहा कि नियमित रूप से टैक्स और शुल्क देने के बाद भी व्यापारियों को गंदगी के अंबार के बीच बैठना पड़ता है। कूड़े का उठान समय पर नहीं होता, जिससे संक्रमण का खतरा बना रहता है।
मेयर की दो साल पुरानी घोषणा भी अधूरी, आर-पार की लड़ाई का मूड
व्यापारियों ने याद दिलाया कि करीब दो साल पहले खुद महापौर (मेयर) हेमलता दिवाकर कुशवाह ने मंडी का दौरा कर इसे चमकाने का वादा किया था। निर्देश भी जारी हुए और बजट की बातें भी हुईं, लेकिन अफसरों की लापरवाही के कारण ज्यादातर काम अधूरे छोड़ दिए गए।
व्यापारियों ने अपने ज्ञापन में मुख्य रूप से व्यवस्थित पार्किंग, सड़कों की तत्काल मरम्मत, नई नालियों का निर्माण, आधुनिक लाइट व्यवस्था और रोज मुस्तैदी से सफाई कराने की मांग रखी है।
इस महत्वपूर्ण बैठक और विरोध प्रदर्शन के दौरान उपमंत्री मोहित गर्ग, अखिलेश गोयल, सहमंत्री संजीव सिंघल, पवन कुमार गोयल, आगरा व्यापार मंडल के जय पुरस्नानी, संदीप गुप्ता और क्षेत्रीय पार्षद अमित अग्रवाल पारुल समेत भारी संख्या में आक्रोशित व्यापारी मौजूद रहे।


