आगरा: ताजनगरी की थाना एमएम गेट पुलिस, सर्विलांस और एसओजी (SOG) टीम ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर वाहन चोरी करने वाले एक बेहद शातिर और सक्रिय गिरोह का सनसनीखेज पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस बड़ी कार्रवाई के तहत गिरोह के पांच सदस्यों को दबोचने में सफलता हासिल की है।
यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से शहर के अलग-अलग इलाकों से मोटरसाइकिलें उड़ाता था और पकड़े जाने के डर से पूरी गाड़ी बेचने के बजाय उसे काटकर उसके कल-पुर्जे (पार्ट्स) अलग-अलग कर बाजार में खपा देता था। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की बाइक के अलावा भारी मात्रा में इंजन, रिम, साइलेंसर, मास्टर चाबी और मोटी नकदी बरामद की है।
वारदातों के बाद एक्टिव हुई पुलिस, यूं बिछाया जाल
दरअसल, एमएम गेट थाना क्षेत्र में बीते 13 अप्रैल और 5 मई को बाइक चोरी के दो अलग-अलग मामले दर्ज हुए थे। शहर में लगातार बढ़ रही इन वारदातों को चुनौती के रूप में लेते हुए पुलिस, एसओजी और सर्विलांस की संयुक्त टीम को तफ्तीश में लगाया गया। मंगलवार को पुलिस टीम को एक पुख्ता मुखबिर से सूचना मिली, जिसके आधार पर टेड़ी बगिया अस्पताल के पास रणनीतिक घेराबंदी की गई।
पुलिस ने मौके से शकीलुद्दीन और दौलत नाम के दो शातिर चोरों को गिरफ्तार कर लिया। जब इनकी तलाशी ली गई, तो इनके पास से चोरी की एक मोटरसाइकिल, ₹34,500 कैश और वारदातों में इस्तेमाल होने वाली मास्टर चाबी बरामद हुई।
पूछताछ में खुला ‘कटिंग’ का काला खेल, खरीदार भी चढ़े हत्थे
पुलिसिया पूछताछ में आरोपियों ने वाहन चोरी के पूरे मॉडस ऑपेरंडी (काम करने के तरीके) का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वे शहर और आसपास के इलाकों से पलक झपकते ही बाइक उड़ा लेते थे। इसके बाद गाड़ी को एक सुरक्षित ठिकाने पर ले जाकर कटर की मदद से काट दिया जाता था ताकि पुलिस या मालिक वाहन को पहचान न सके। इसके बाद इंजन, रिम, हैंडल और साइलेंसर जैसे कीमती पार्ट्स अलग-अलग कबाड़ियों और ग्राहकों को बेच दिए जाते थे। एक पूरी बाइक को काटकर करीब 8,000 रुपये में ठिकाने लगा दिया जाता था।
मुख्य आरोपियों से मिली लीड के आधार पर पुलिस ने तुरंत छापेमारी कर चोरी के पार्ट्स खरीदने वाले तीन अन्य साथियों परविंदर उर्फ प्रकाश, पवन राठौर और बबलू को भी गिरफ्तार कर लिया। इनके ठिकानों से पुलिस को ₹38,900 नगद, 7 इंजन, 11 रिम, 7 हैंडल, 7 साइलेंसर समेत ढेर सारे अन्य पार्ट्स मिले हैं।
अब पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी पुलिस
पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह काफी लंबे समय से ब्रज क्षेत्र में एक्टिव था। फिलहाल पुलिस बरामद किए गए इंजनों और चेसिस के नंबरों को ट्रैक कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये पार्ट्स किन-किन गाड़ियों के हैं।
पुलिस अब इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कुल कितनी गाड़ियां चोरी की हैं और इनके तार किन-किन जिलों या राज्यों के कबाड़ बाजारों से जुड़े हुए हैं। जल्द ही इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।


