आगरा, 18 मई। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ सड़क निर्माण में हुई घोर लापरवाही और लीपापोती को लेकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अपने ही पार्षद का गुस्सा फूट पड़ा। अपनी ही सरकार में व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए वार्ड संख्या 36 के भाजपा पार्षद राकेश कन्नौजिया लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। सत्ता पक्ष के ही पार्षद द्वारा अपनी ही सरकार के प्रशासनिक तंत्र के खिलाफ दिए गए इस धरने से पूरे प्रशासनिक और राजनीतिक अमले में हड़कंप मच गया।
यह पूरा मामला आगरा के वार्ड 36 क्षेत्र का है, जहाँ हाल ही में एक सड़क का निर्माण कराया गया था। पार्षद राकेश कन्नौजिया का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान ही उन्होंने सड़क की खराब गुणवत्ता को लेकर संबंधित ठेकेदार को कई बार अवगत कराया था और काम ठीक से करने की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद, ठेकेदार लगातार जनप्रतिनिधि और स्थानीय जनता को गुमराह करता रहा और घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर सड़क का निर्माण पूरा कर दिया। ठेकेदार की इस मनमानी और लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि बनने के कुछ ही समय बाद सड़क ने जवाब दे दिया और वह पूरी तरह उखड़नी शुरू हो गई।
नई नवेली सड़क की इस बदहाली को देखकर पार्षद और क्षेत्रीय जनता का सब्र का बांध टूट गया। सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए पार्षद राकेश कन्नौजिया सोमवार को सीधे पीडब्ल्यूडी (PWD) कार्यालय पहुंचे और उसके मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठ गए। पार्षद का कहना था कि जनता के पैसे का इस तरह दुरुपयोग और विकास कार्यों में भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बीजेपी पार्षद के इस उग्र विरोध और धरने की सूचना मिलते ही पीडब्ल्यूडी विभाग के आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पार्षद राकेश कन्नौजिया को समझाने का प्रयास किया और पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने की बात कही। काफी देर तक चली बातचीत और अधिकारियों द्वारा सड़क का दोबारा सही तरीके से निर्माण कराने व दोषी ठेकेदार के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के ठोस आश्वासन के बाद ही भाजपा पार्षद ने अपना धरना समाप्त किया।
सोशल मीडिया इनपुट के साथ


