शिकायतों के बाद भी नहीं सुधरे हालात… नारकीय जीवन जीने को मजबूर शारदा विहार के निवासियों का आगरा नगर निगम पर हल्लाबोल

स्थानीय समाचार

आगरा, 18 मई। आगरा के बोदला क्षेत्र स्थित शारदा विहार (नई आबादी) में लंबे समय से विकास कार्य ठप होने और बुनियादी सुविधाओं के घोर अभाव को लेकर सोमवार को स्थानीय निवासियों के सब्र का बांध टूट गया। इलाके में फैली बदहाली से आक्रोशित, बड़ी संख्या में महिलाओं सहित स्थानीय नागरिकों ने सीधे नगर निगम कार्यालय का रुख किया और वहां पहुंचकर जोरदार धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।

देखते ही देखते प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम के मुख्य प्रवेश द्वार को चारों तरफ से घेर लिया, जिससे अधिकारियों और कर्मचारियों के आने-जाने का रास्ता पूरी तरह ठप हो गया।
​इस उग्र धरना-प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित जनता ने नगर निगम प्रशासन की तानाशाही और ढुलमुल रवैए के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन में शामिल लोगों का साफ तौर पर कहना था कि उनके क्षेत्र में न तो आज तक उचित नालियों का निर्माण कराया गया है और न ही बड़े नाले की कोई व्यवस्था की गई है। इसके चलते आए दिन नालियों का गंदा पानी और बरसात का जलजमाव सड़कों पर भरा रहता है, जिससे जल निकासी की समस्या बेहद गंभीर हो चुकी है।

स्थानीय नागरिकों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस समस्या को लेकर वे लगातार नगर निगम के चक्कर काट रहे हैं और कई बार लिखित शिकायतें भी दे चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।

अधिकारियों की इसी घोर लापरवाही के कारण आज पूरा क्षेत्र नारकीय स्थिति में तब्दील हो चुका है।

नगर निगम मुख्यालय पर मचे इस भारी हंगामे और बढ़ते जन-आक्रोश को देखते हुए कई आला अधिकारी और निगम कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने उग्र भीड़ को समझाने-बुझाने और स्थिति को काबू में करने का काफी प्रयास किया। अंततः, भारी विरोध और जनता के तीखे तेवरों के आगे झुकते हुए अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को यह लिखित/मौखिक आश्वासन दिया कि क्षेत्र की जल निकासी और सड़क संबंधी समस्याओं का जल्द से जल्द निस्तारण किया जाएगा और वहां विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू कराया जाएगा। अधिकारियों के इस ठोस भरोसे के बाद ही स्थानीय लोगों ने अपना धरना समाप्त करने का निर्णय लिया।

आपको बता दें कि यह पूरा विरोध प्रदर्शन अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के बैनर तले आयोजित किया गया था। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नेताओं और क्षेत्रीय नागरिकों ने नगर निगम प्रशासन को बेहद स्पष्ट और अंतिम चेतावनी दी है कि यदि तय समय के भीतर क्षेत्र में धरातल पर विकास कार्य शुरू नहीं किए गए, तो इस जन-आंदोलन को और अधिक उग्र तथा व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।