आगरा। ताजनगरी आगरा में पारंपरिक आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक विज्ञान और तकनीक से जोड़ते हुए एक बेहद अनूठी व क्रांतिकारी पहल की गई है। श्री चन्द्रभान साबुन वाले सेवा ट्रस्ट द्वारा खतैना रोड स्थित प्रताप नगर में संचालित किए जा रहे ‘गर्भ संस्कार एवं मेटरनिटी होम’ में अब “डिजिटल नाड़ी परीक्षण सेवा” का विधिवत शुभारम्भ कर दिया गया है। इस आधुनिक सेवा के अंतर्गत प्राचीन आयुर्वेद के मूल सिद्धांतों पर काम करने वाली अत्याधुनिक “नाड़ी तरंगणी मशीन” और उसके विशेष सॉफ्टवेयर के माध्यम से मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इसके जरिए शरीर के रोगों का सटीक निदान कर मरीजों को उचित आयुर्वेदिक परामर्श और योग संबंधी विशेष मार्गदर्शन दिया जाएगा।
दरअसल, चिकित्सा के क्षेत्र में वरदान साबित होने वाली यह आधुनिक डिजिटल नाड़ी तरंगणी मशीन एवं उससे संबंधित सॉफ्टवेयर शहर की प्रतिष्ठित संस्था “बोलते ग्रन्थ साधना संस्थान” की ओर से दान स्वरूप सेवा ट्रस्ट को भेंट किया गया है। संस्थान की अध्यक्षा श्रीमती राज अग्रवाल एवं उपाध्यक्ष एल. के. वाधवा ने गर्भ संस्कार केंद्र पहुंचकर ट्रस्ट के अध्यक्ष अशोक कुमार अग्रवाल (एडवोकेट) तथा ट्रस्टी डॉ. सुनीता गर्ग को यह अत्याधुनिक मशीन औपचारिक रूप से सुपुर्द की।
ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इस नई स्वास्थ्य सेवा के संचालन के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रताप नगर स्थित गर्भ संस्कार एवं मेटरनिटी होम पर यह विशेष डिजिटल नाड़ी स्वास्थ्य परीक्षण सेवा प्रतिदिन सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक आम जनता के लिए उपलब्ध रहेगी। इसके लिए बेहद मामूली और किफायती शुल्क मात्र 100 रुपये तय किया गया है। केंद्र पर आने वाले मरीजों को अनुभवी आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. स्वर्णा सिंह तथा सुप्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. जागृति अग्रवाल द्वारा रोगों के सटीक निदान, परीक्षण एवं उपचार संबंधी उचित व विशेषज्ञ परामर्श प्रदान किया जाएगा।
इस डिजिटल नाड़ी परीक्षण सेवा के गरिमामयी शुभारंभ अवसर पर चिकित्सा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इनमें मुख्य रूप से डॉ. भानू प्रताप तिवारी, राजीव जैन, राकेश गर्ग, सचिन गोयल, नरेन्द्र कुमार अग्रवाल, रमेश चंद्र अग्रवाल, सीए मुकेश गोयल तथा नंदकिशोर गोयल सहित अनेक संभ्रांत नागरिक उपस्थित रहे और इस पहल की सराहना की।
इस विशेष अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष अशोक कुमार अग्रवाल (एडवोकेट) ने दानदाता संस्था ‘बोलते ग्रन्थ साधना संस्थान’ के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह अत्याधुनिक डिजिटल मशीन आयुर्वेद पर आधारित प्राचीन स्वास्थ्य परीक्षण विधा को आज के दौर में आमजन तक बेहद सुलभ, वैज्ञानिक और किफायती बनाने में एक मील का पत्थर साबित होगी, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोग सीधे लाभान्वित हो सकेंगे।


