आगरा। सनातन धर्म में अत्यधिक पूजनीय और आध्यात्मिक महत्व रखने वाले ‘पुरुषोत्तम मास’ (अधिकमास) की पावन शुरुआत के पावन अवसर पर सोमवार को ताजनगरी आगरा का जयपुर हाउस और प्रताप नगर क्षेत्र पूरी तरह से भक्ति, अगाध श्रद्धा और उल्लास के रंग में सराबोर नजर आया। इस पावन महीने के उपलक्ष्य में श्री बुर्जीवाला मंदिर संचालन समिति की ओर से एक भव्य और अलौकिक कलश यात्रा का आयोजन किया गया।
इस शोभायात्रा में कुल 551 सौभाग्यवती महिलाएं एक समान पीत वस्त्र (पीले कपड़े) धारण किए हुए, सिर पर पवित्र कलश लेकर पूर्णतः अनुशासित ढंग से कतारबद्ध होकर चल रही थीं। ज्येष्ठ महीने की कड़कड़ाती तेज धूप और भीषण गर्मी के बावजूद महिलाओं की श्रद्धा और उत्साह में रत्ती भर भी कमी नहीं दिखी; वे सुधीर बैंड की मधुर और पारंपरिक धार्मिक धुनों पर मंत्रमुग्ध होकर थिरकने से स्वयं को रोक नहीं सकीं।
इस भव्य कलश यात्रा का विधिवत शुभारंभ ऐतिहासिक चिन्ताहरण मंदिर से पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. रामशंकर कठेरिया तथा प्रख्यात धर्माचार्य मृदुलकांत शास्त्री द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
केदारनाथ धाम की दिव्य झांकी और रॉयल विंटेज कार ने मोहा श्रद्धालुओं का मन
कलश यात्रा के मुख्य यजमान गौरव बंसल एवं निधि बंसल ने यात्रा के स्वरूप की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस अलौकिक शोभायात्रा में सबसे आगे विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश जी की मनमोहक झांकी चल रही थी। इसके ठीक पीछे भगवान राधा-कृष्ण, ठाकुर बांके बिहारी जी, संपूर्ण शिव परिवार और प्रभु श्रीराम के दिव्य दरबार की बेहद सजीव और आकर्षक झांकियां निकाली गयीं।
इस पूरी यात्रा के दौरान संपूर्ण क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र साक्षात ‘केदारनाथ धाम मंदिर’ की भव्य और विहंगम झांकी बनी। मार्ग में खड़े हजारों श्रद्धालुओं ने केदारनाथ धाम की इस दिव्य झांकी और यात्रा में शामिल एक रॉयल विंटेज कार के अनूठे दृश्य को अपने-अपने मोबाइल कैमरों में बेहद उत्साह के साथ कैद किया।
सजी-धजी राजसी बग्गी पर विराजमान होकर मुख्य कथावचक आचार्य पंडित राजेश शास्त्री महाराज मार्ग के दोनों ओर खड़े श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा करते हुए और उन्हें अपना मंगलकारी आशीर्वाद देते हुए आगे बढ़ रहे थे।
आठ स्थानों पर हुआ भव्य स्वागत; राधे-राधे के उद्घोष से गुंजायमान हुआ क्षेत्र
यह ऐतिहासिक कलश यात्रा प्रतापनगर और जयपुर हाउस के विभिन्न प्रमुख रिहायशी व व्यापारिक मार्गों से होती हुई अंततः अपने गंतव्य स्थान यानी श्री बुर्जीवाला मंदिर प्रांगण पर पहुंचकर संपन्न हुई। कलश यात्रा के पूरे मार्ग में सिंधी, पंजाबी और सनातन समाज के विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों द्वारा कुल आठ प्रमुख स्थानों पर तोरण द्वार बनाकर और भारी पुष्पवर्षा कर यात्रियों का पलक-पावड़े बिछाकर भव्य स्वागत व अभिनंदन किया गया। यात्रा में शामिल हजारों महिला-पुरुष श्रद्धालुओं के गगनभेदी जयकारों से पूरा का पूरा क्षेत्र ‘राधे-राधे’ और ‘हरे कृष्णा’ के पावन उद्घोष से लगातार गुंजायमान होता रहा, जिसने संपूर्ण वातावरण को पूरी तरह से आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
भागवत समस्त दुखों को दूर करने वाली सर्वोत्तम अमृतधारा: आचार्य राजेश शास्त्री
कलश यात्रा के मंदिर परिसर में संपन्न होने के बाद, शाम ठीक चार बजे से सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिवस का विधिवत शुभारंभ हुआ। व्यासपीठ से पूज्य आचार्य पंडित राजेश शास्त्री महाराज ने प्रथम दिन भागवत महात्म्य कथा, परम ज्ञानी शुक्रदेव जी की अमर कथा, राजा परीक्षित के दिव्य जन्म का प्रसंग एवं शुक्रदेव जी के आगमन प्रसंग का बेहद भावपूर्ण और संगीतमय वर्णन किया।
उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण मनुष्य के जीवन के समस्त सांसारिक अवरोधों, संकटों और मानसिक दुखों को समूल नष्ट करने वाली सर्वोत्तम अमृतधारा है। जो भी मनुष्य पूर्ण श्रद्धा और निष्काम भाव से भागवत कथा का श्रवण (सुनना) करता है, उसके जीवन में कभी भी घोर निराशा या अज्ञान का अंधकार प्रवेश नहीं कर पाता। उन्होंने पौराणिक रहस्य बताते हुए कहा कि स्वयं देवाधिदेव भगवान शिव ने शुकदेव महाराज के स्वरूप में इस संपूर्ण मृत्यलोक (संसार) को कल्याण के लिए भागवत का यह परम दिव्य ज्ञान प्रदान किया है।
भागवत कथा में आज का मुख्य प्रसंग (मंगलवार का शेड्यूल):
कथा मुख्य समन्वयक दिनेश अग्रवाल ने बताया कि पुरुषोत्तम मास के इस अनुष्ठान के तहत मंगलवार को कथा के दूसरे दिन व्यासपीठ से आचार्य जी द्वारा पवित्र मंगलाचरण, माता कुंती एवं पितामह भीष्म की अद्भुत स्तुति सहित अन्य महत्वपूर्ण पौराणिक प्रसंगों का सजीव वर्णन किया जाएगा। यह भव्य भागवत कथा प्रतिदिन निरंतर सायं चार बजे से लेकर सात बजे तक श्री बुर्जीवाला मंदिर के मुख्य प्रांगण में श्रद्धापूर्वक चलती रहेगी।
धार्मिक अनुष्ठान में ये प्रमुख गणमान्य रहे उपस्थित:
इस पावन धार्मिक महोत्सव के प्रथम दिन ठाकुर जी की आरती और व्यवस्थाओं में शहर के अनेक प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्य रूप से शैलू पंडित, मुनेंद्र जादौन, अजय शिवहरे, जय गुप्ता, राकेश अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, पूर्व मेयर डॉ. रामबाबू हरित, शकुन बंसल, मनीष बंसल, नवीन गौतम, मुकेश नेचुरल, ज्योति मोहन जिंदल, गोपाल अग्रवाल, अनूप अग्रवाल, विकास बंसल ‘लड्डू’, ओएस गर्ग, जेठा भाई, राजेश जिंदल, संदीप गोयल, सुनील मित्तल, आलोक जैन, पियूष सिंघल, मनीष अग्रवाल सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय श्रद्धालु और मातृशक्ति उपस्थित रही।


