कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज बोले- सरकार चाहती है कि आप पढ़ो मत, पढ़-लिख जाओगे तो नौकरी मांगोगे..

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मथुरा। उत्तर प्रदेश के धार्मिक शहर मथुरा-वृंदावन के सुप्रसिद्ध और मशहूर कथावाचक स्वामी अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने देश में गरमाए नीट (NEET) परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण पर एक बेहद बड़ा और विस्फोटक बयान दिया है। स्वामी अनिरुद्धाचार्य ने इस पूरे मामले को सीधे तौर पर सरकार की नीयत और उसकी नीतियों से जोड़कर पेश कर दिया है।

गौरतलब है कि नीट प्रवेश परीक्षा का पेपर लीक होने और उसके बाद परीक्षा रद्द किए जाने से पूरे देश के छात्रों और युवाओं में भारी आक्रोश का माहौल है। इस मुद्दे को लेकर जहां विपक्षी दल लगातार सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं, वहीं दोबारा परीक्षा आयोजित करने की प्रशासनिक तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। लेकिन इन सब के बीच, दिन-रात मेहनत करने वाले छात्रों के भीतर उपजे गहरे असंतोष और निराशा के दौर में स्वामी अनिरुद्धाचार्य महाराज का यह ताजा बयान इस समय सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक खासी चर्चा का विषय बन गया है।

​”पढ़-लिख जाओगे तो नौकरी मांगने लग जाओगे” – स्वामी अनिरुद्धाचार्य

स्वामी अनिरुद्धाचार्य महाराज ने एक धार्मिक कथा के दौरान वहां मौजूद एक भक्त के सवाल का खुलकर जवाब देते हुए नीट परीक्षा के इस गंभीर मुद्दे पर अपनी बात रखी। भक्त ने उनसे सवाल किया था कि इस राष्ट्रीय स्तर के घोटाले पर सरकार उचित कदम क्यों नहीं उठा रही है?

​इस पर तंज कसते हुए स्वामी अनिरुद्धाचार्य ने सीधे शब्दों में कहा, “असल में सरकार चाहती ही नहीं कि आप लोग पढ़ो। क्योंकि, अगर आप लोग ज्यादा पढ़-लिख जाएंगे तो सरकार से अपने अधिकारों और सम्मानजनक नौकरी की मांग करने लग जाएंगे।” महाराज ने आगे अपनी बात बढ़ाते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था तो बस यही चाहती है कि आप उनसे महीने का 1000 या 5000 रुपये यूं ही लेते रहो और पढ़ाई-लिखाई से दूर रहो।

“एग्जाम दो और परीक्षा कैंसिल, यही तो हमारे देश का घोटाला है”

​देश की शिक्षा और रोजगार व्यवस्था पर बेहद तीखा प्रहार करते हुए स्वामी अनिरुद्धाचार्य महाराज ने आगे कहा, “इस देश में पढ़ने-लिखने के लिए जब आप कोई बड़ी परीक्षा या एग्जाम दोगे, तो उसका पेपर पहले ही लीक हो जाएगा।” उन्होंने बेहद दुखी मन से कटाक्ष किया कि युवा पूरी ताकत लगाकर परीक्षा देता है और बाद में पता चलता है कि एग्जाम ही कैंसिल कर दिया गया।

​उन्होंने युवाओं का दर्द बयां करते हुए कहा कि अब किसी को नहीं पता कि अगला एग्जाम कब आयोजित होगा? जब तक दोबारा परीक्षा की बारी आएगी, तब तक कई होनहार युवाओं की निर्धारित उम्र ही निकल चुकी होगी। इसके साथ ही तब तक छात्रों के सामने यह मानसिक दिक्कत और अनिश्चितता भी आ चुकी होगी कि वे अगली बार उसमें सफल हो पाएंगे या नहीं। स्वामी अनिरुद्धाचार्य ने दो टूक शब्दों में कहा कि हमारे देश में यही तो सबसे बड़ा और असली घोटाला है।

​भावुक भक्त ने पूछा था युवाओं की आत्महत्या और बर्बादी पर सवाल

​दरअसल, कथा के दौरान एक परेशान और भावुक भक्त ने स्वामी अनिरुद्धाचार्य महाराज के सामने देश के लाखों युवाओं का पक्ष रखते हुए यह सवाल उठाया था। भक्त ने कहा था कि नीट परीक्षा का पेपर लीक हो गया है, जिसके कारण देश के लाखों होनहार युवा और उनके परिवार भयंकर मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। इस अनिश्चितता के कारण कुछ हताश छात्र तो सुसाइड (आत्महत्या) जैसा आत्मघाती कदम तक उठा चुके हैं।

भक्त ने व्यवस्था पर सवाल दागते हुए कहा था कि जिन बच्चों ने दिन-रात एक करके इतनी कड़ी मेहनत की थी और जिनके माता-पिता ने अपनी गाढ़ी कमाई का इतना पैसा पानी की तरह बहाया था, अब उनकी पूरी परीक्षा ही रद्द कर दी गई है। इस बेहद संवेदनशील और गंभीर बिंदु पर सरकार गहराई से क्यों नहीं सोच रही है? क्या इन निर्दोष नौजवानों के साथ ऐसा बर्ताव होना चाहिए? इससे जो वास्तव में काबिल और होनहार छात्र हैं, उनका सबसे ज्यादा नुकसान होगा।

भक्त का कहना था कि देश में ऐसी निराशाजनक स्थिति बिल्कुल नहीं बननी चाहिए और सरकार को इस पूरे सिंडिकेट पर तत्काल और बेहद सख्त एक्शन लेना चाहिए। स्वामी अनिरुद्धाचार्य ने इसी जनभावनाओं से जुड़े सवाल का यह बेबाक जवाब दिया है।