लखीमपुर खीरी में जांबाज बेटी: तेंदुए के हमले पर नहीं खोया आपा, पैर पकड़कर ऐसे भिड़ी किशोरी कि उखड़ गया खूंखार शिकारी का नाखून

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लखीमपुर-खीरी। उत्तर प्रदेश के तराई इलाके लखीमपुर खीरी से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक साहसी किशोरी ने साक्षात मौत बनकर सामने खड़े तेंदुए का न सिर्फ डटकर सामना किया, बल्कि अपनी जांबाजी से उसे पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। तेंदुए के इस जानलेवा हमले के दौरान किशोरी ने जिस गजब के हौसले और बहादुरी का परिचय दिया है, उसने पूरे प्रदेश में साहस की एक अनूठी मिसाल पेश कर दी है। घटना के बाद से पूरे इलाके में इस जांबाज बेटी की बहादुरी के चर्चे हो रहे हैं।

​स्कूल के पीछे घात लगाकर बैठे तेंदुए ने किया अचानक हमला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा सनसनीखेज मामला जिले के थाना फूलबेहड़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम तनसूखपुरवा का है। यहां स्थित स्थानीय विद्यालय (स्कूल) के ठीक पीछे एक खूंखार तेंदुआ झाड़ियों में घात लगाकर बैठा हुआ था। इसी दौरान वहां से गुजर रही एक किशोरी पर तेंदुए ने अचानक बेहद हिंसक हमला बोल दिया। अचानक हुए इस अप्रत्याशित हमले से एक पल के लिए वहां चीख-पुकार मचने की स्थिति हो गई, लेकिन इसके बाद जो हुआ उसकी कल्पना खुद उस आदमखोर वन्यजीव ने भी नहीं की होगी।

घबराने के बजाय तेंदुए से भिड़ गई बेटी, उखाड़ दिया नाखून

आमतौर पर तेंदुए जैसे खतरनाक शिकारी को सामने देखकर बड़े-बड़ों के पसीने छूट जाते हैं, लेकिन इस बहादुर बच्ची ने संकट की इस बेहद संवेदनशील घड़ी में भी अपना आपा और हौसला बिल्कुल नहीं खोया। ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, अचानक हुए जानलेवा हमले से घबराने या भागने के बजाय वह मासूम बच्ची अपनी जान पर खेलकर उसी वक्त तेंदुए से सीधे भिड़ गई।

किशोरी ने अपनी आत्मरक्षा में गजब की फुर्ती दिखाते हुए तेंदुए के पैर को इतनी जबरदस्त ताकत और मजबूती से जकड़ लिया कि जद्दोजहद के दौरान उस खूंखार तेंदुए का एक नाखून तक जड़ से उखड़ गया। बच्ची के इस अप्रत्याशित और आक्रामक पलटवार के आगे अंततः तेंदुए का हौसला पस्त हो गया और वह किशोरी को लहूलुहान हालत में वहीं छोड़कर दुम दबाकर वापस घने जंगल की ओर भाग खड़ा हुआ।

ट्रामा सेंटर में इलाज जारी, क्षेत्र में हो रही जमकर सराहना

तेंदुए के नाखूनों और दांतों के वार से किशोरी इस हिंसक संघर्ष में गंभीर रूप से घायल हो गई है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों ने आनन-फानन में लहूलुहान किशोरी को इलाज के लिए नजदीकी ट्रामा सेंटर ओयल में भर्ती कराया। अस्पताल के डॉक्टरों की देखरेख में घायल बच्ची का सघन उपचार लगातार जारी है और उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

​इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना की सूचना जैसे ही क्षेत्र में फैली, तनसूखपुरवा सहित पूरे फूलबेहड़ इलाके के लोग बच्ची के अदम्य साहस और जांबाजी की सराहना करते नहीं थक रहे हैं। ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने वन विभाग तथा जिला प्रशासन से इस वीर बच्ची को बेहतर से बेहतर उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा मुफ्त में उपलब्ध कराने और पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता देने की पुरजोर मांग की है।