पीएम मोदी की 24 घंटे में दूसरी बार देशवासियों से बड़ी अपील: “वैश्विक संकट के बीच बरतें सावधानी, वर्क फ्रॉम होम और कार पूलिंग अपनाएं”

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वडोदरा/गांधीनगर: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में ईरान और अमेरिका के बीच गहराते युद्ध के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराते संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को अलर्ट मोड पर रहने की सलाह दी है। गुजरात के वडोदरा में सरदार धाम हॉस्टल के उद्घाटन के दौरान पीएम ने स्पष्ट संदेश दिया कि आने वाला समय आर्थिक चुनौतियों भरा हो सकता है, जिससे निपटने के लिए ‘संयम, बचत और सतर्कता’ ही सबसे कारगर हथियार हैं।

वडोदरा रैली के दौरान सोमवार की शाम को प्रधानमंत्री मोदी ने संकेत दिया कि जब तक हालात सामान्य नहीं होते, लोगों को छोटे-छोटे लेकिन महत्वपूर्ण कदम उठाने चाहिए। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, कार पूलिंग अपनाने, वर्क फ्रॉम होम और वर्चुअल मीटिंग्स को बढ़ावा देने की बात कही। इसके साथ ही स्कूलों से भी ऑनलाइन क्लास चलाने का आग्रह करने की बात कही।

आर्थिक दबाव को देखते हुए पीएम मोदी ने लोगों से सोने की खरीद टालने की अपील की और विदेशी उत्पादों के बजाय स्वदेशी चीजों के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने किसानों से भी रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया पिछले कुछ वर्षों से लगातार संकटों से गुजर रही है। पहले कोविड-19 महामारी, फिर आर्थिक अस्थिरता, और अब पश्चिम एशिया में बढ़ता युद्ध। उनके अनुसार, अगर कोरोना इस सदी का सबसे बड़ा संकट था, तो पश्चिम एशिया का मौजूदा संघर्ष इस दशक के बड़े संकटों में शामिल हो सकता है।

उन्होंने भरोसा जताया कि जैसे देश ने कोरोना महामारी का मुकाबला किया, वैसे ही इस चुनौती से भी पार पाया जा सकता है। साथ ही सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि इन वैश्विक परिस्थितियों का असर आम लोगों पर कम से कम पड़े। प्रधानमंत्री का संदेश साफ है- वैश्विक संकट के इस दौर में सतर्कता, बचत और आत्मनिर्भरता ही सबसे बड़ा सहारा हो सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि आर्थिक चुनौतियों के इस दौर में हमें अपनी जीवनशैली में छोटे लेकिन असरदार बदलाव लाने चाहिए। उन्होंने खासतौर पर कहा कि लोग विदेशों में डेस्टिनेशन वेडिंग करने के बजाय भारत में ही शादी समारोह आयोजित करें, क्योंकि उनके अनुसार भारत से बेहतर कोई जगह नहीं है।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने खाने के तेल के उपयोग को कम करने की भी सलाह दी, ताकि स्वास्थ्य और आर्थिक दोनों स्तरों पर संतुलन बना रहे। ईंधन की बचत पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो, पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम किया जाए। उन्होंने मेट्रो, इलेक्ट्रिक बसों और अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट के अधिक उपयोग की अपील की। साथ ही कार पूलिंग को बढ़ावा देने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि जिनके पास कार है, वे एक ही वाहन में ज्यादा लोगों के साथ यात्रा करें।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आज डिजिटल टेक्नोलॉजी ने जीवन को काफी आसान बना दिया है, इसलिए वर्चुअल मीटिंग्स और ऑनलाइन माध्यमों का ज्यादा इस्तेमाल कर यात्रा की जरूरत को कम किया जा सकता है। उनका संदेश यही था कि बदलते वैश्विक हालात में जिम्मेदार उपभोग, बचत और स्थानीय संसाधनों के उपयोग से ही देश मजबूत रह सकता है।