आगरा: आगरा नगर निगम द्वारा हाल ही में कुछ व्यापारिक मदों में ट्रेड टैक्स (व्यावसायिक कर) समाप्त करने की घोषणा ने अब एक नए विवाद को जन्म दे दिया है। व्यापारियों को मिली इस राहत के बाद अब शहर के दो सबसे बड़े और महत्वपूर्ण क्षेत्रों होटल उद्योग और स्वास्थ्य सेवा (IMA) ने भी अपने ऊपर से यह टैक्स हटाने की मांग तेज कर दी है। इन संगठनों ने नगर निगम पर ‘भेदभाव’ का आरोप लगाते हुए सख्त चेतावनी दी है।
होटल उद्योग की ‘आर-पार’ की चेतावनी
रविवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान ने नगर निगम की नीति पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आगरा एक पर्यटन नगरी है और यहाँ का होटल उद्योग हजारों परिवारों को रोजगार देता है।
राकेश चौहान ने चेतावनी देते हुए कहा, “यदि नगर निगम ने अन्य व्यवसायों की तरह होटल और पर्यटन को ट्रेड टैक्स से मुक्त नहीं किया, तो शहर के होटल और पर्यटन प्रतिष्ठान बंद करने पर मजबूर होना पड़ेगा।” उन्होंने बताया कि मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह को पत्र भेजने के बावजूद अब तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है।
IMA ने दी ‘सस्ती चिकित्सा’ की दलील
वहीं, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की ओर से डॉ. रावत और डॉ. संजय चतुर्वेदी ने अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों को ट्रेड टैक्स के दायरे से बाहर रखने की मांग की। IMA के सचिव डॉ. रजनीश कुमार मिश्रा ने नगर आयुक्त को भेजे ज्ञापन में तर्क दिया कि अस्पतालों पर लगाए जाने वाले विभिन्न शुल्कों का सीधा बोझ मरीजों की जेब पर पड़ता है। यदि ट्रेड टैक्स में राहत मिलती है, तो आम जनता को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
नगर निगम के सामने खड़ी हुई नई चुनौती
महापौर की लोकलुभावन घोषणा अब नगर निगम के लिए गले की फांस बनती दिख रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नगर निगम ने जल्द ही एक स्पष्ट और समान नीति नहीं बनाई, तो आने वाले दिनों में पर्यटन और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों का यह विरोध उग्र रूप ले सकता है।
अब सबकी नजरें नगर निगम की अगली बोर्ड बैठक पर टिकी हैं कि क्या महापौर और नगर आयुक्त इन दो महत्वपूर्ण स्तंभों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हैं या यह गतिरोध और गहराता है।

