बाबूजी महाराज के 127वें जन्मोत्सव पर हार्टफुलनेस का दो दिवसीय आध्यात्मिक आयोजन, ध्यान-सत्संग से गूंजा अरतौनी आश्रम

विविध

आगरा: वैश्विक स्तर पर आंतरिक शांति और मानवीय मूल्यों की अलख जगाने वाली संस्था ‘श्री राम चंद्र मिशन’ एवं ‘हार्टफुलनेस संस्थान’ द्वारा परम पूज्य बाबूजी महाराज के 127वें पावन जन्मोत्सव के अवसर पर दो दिवसीय विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आगरा-दिल्ली हाईवे स्थित अकबरा रोड, अरतौनी आश्रम में आयोजित यह कार्यक्रम आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति के अनूठे संगम के साथ संपन्न हुआ।

​पद्म भूषण ‘दाजी’ की प्रेरणा से हुआ आयोजन

यह भव्य आयोजन मिशन के अध्यक्ष एवं हार्टफुलनेस के वैश्विक मार्गदर्शक पद्म भूषण कमलेश डी. पटेल (दाजी) की प्रेरणा और सानिध्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान साधकों को दाजी का विशेष संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें उन्होंने कहा कि वर्तमान की भौतिकवादी और तनावपूर्ण जीवनशैली में हार्टफुलनेस ध्यान पद्धति मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन के लिए सबसे प्रभावी माध्यम है।

​दो दिवसीय सत्रों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

उत्सव के पहले दिन 7 मई को सायंकालीन सत्र में विशाल सामूहिक ध्यान का आयोजन किया गया। वहीं, 8 मई की सुबह सत्संग और ध्यान के विशेष सत्र संपन्न हुए। ध्यान के इन दिव्य क्षणों में साधकों ने गहरे आत्मिक मौन और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया। उल्लेखनीय है कि बाबूजी महाराज द्वारा स्थापित यह मिशन आज ‘कन्हा शांतिवनम’ (हैदराबाद) जैसे विश्व के सबसे बड़े ध्यान केंद्रों के माध्यम से लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है।

आश्रम प्रबंधन की सक्रिय सहभागिता

कार्यक्रम को सफल बनाने में आश्रम प्रबंधन और ध्यान योग टीम के रमेश वर्मा, डॉ. राम नरेश शर्मा, नरेंद्र भारद्वाज, प्रमोद सारस्वत, विजय गोयल और ऋषि तोमर सहित कई सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर बीर पाल, डॉ. राजवीर सिंह, कैलाश सिंह, संजीव कुमार, शरद जैन और अनिल सहित शहर के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

​समाज में सकारात्मक परिवर्तन का आह्वान

समारोह के समापन पर वक्ताओं ने साधकों से नियमित ध्यान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। संस्था की ओर से बताया गया कि हार्टफुलनेस द्वारा विश्वभर में निःशुल्क ध्यान प्रशिक्षण और युवा मार्गदर्शन के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, ताकि समाज में आध्यात्मिक चेतना और चरित्र निर्माण की नींव को और मजबूत किया जा सके।