लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर महीनों से चल रही अटकलबाजियों पर आखिरकार विराम लग गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शनिवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से हुई अहम मुलाकात के बाद यह साफ हो गया है कि प्रदेश में कल यानी रविवार को कैबिनेट का विस्तार होने जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, रविवार दोपहर 3:30 बजे राजभवन में नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा। इस फेरबदल के जरिए योगी सरकार आगामी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए नए समीकरण साधने की तैयारी में है।
इन चेहरों की लग सकती है लॉटरी
मंत्रिमंडल विस्तार में करीब आधा दर्जन नए मंत्रियों को शामिल किया जाना लगभग तय है। जिन नामों पर सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा है, उनमें आशा मौर्य, हंसराज विश्वकर्मा, सुरेंद्र दिलेर और भूपेंद्र चौधरी प्रमुख हैं।
इनके अलावा समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा के नजदीक आए मनोज पांडेय, पूजा पाल के साथ ही रोमी साहनी और कृष्णा पासवान का नाम भी मंत्री पद की रेस में सबसे आगे बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि इन नामों के जरिए पार्टी क्षेत्रीय और जातीय संतुलन बनाने की कोशिश करेगी।
विशाल फेरबदल: मंत्रियों के कद और विभाग बदलेंगे
यह विस्तार केवल नए सदस्यों को शामिल करने तक सीमित नहीं रहेगा। चर्चा है कि शासन की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए कई मौजूदा मंत्रियों के विभागों में बड़े पैमाने पर ‘कटाव-छटाव’ देखने को मिल सकता है। नगर विकास और स्वास्थ्य जैसे अति-महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी नए हाथों में सौंपी जा सकती है या मौजूदा मंत्रियों के पोर्टफोलियो बदले जा सकते हैं।
2027 की चुनावी बिसात
यह विस्तार महज प्रशासनिक फेरबदल नहीं, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव की मजबूत तैयारी का संकेत है। बीजेपी इसके जरिए पिछड़ों, दलितों और ब्राह्मणों के साथ-साथ महत्वपूर्ण वोट बैंक को साधने का प्रयास कर रही है।
हालांकि, आधिकारिक सूची को लेकर अभी भी सस्पेंस बरकरार है, लेकिन राजभवन में शपथ ग्रहण की तैयारियां तेज हो गई हैं। कल दोपहर तक उत्तर प्रदेश की नई सरकार की मुकम्मल तस्वीर साफ हो जाएगी।

