गंगा एक्सप्रेस-वे का आगाज: मेरठ से प्रयागराज की दूरी अब सिर्फ 6 घंटे; सीएम योगी ने 1 लाख किसानों का जताया आभार

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हरदोई, 29 अप्रैल: उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे में एक नया अध्याय जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हरदोई के मल्लावां में 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का भव्य उद्घाटन किया। लगभग 36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह एक्सप्रेस-वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी उत्तर प्रदेश से जोड़ेगा, जिससे मेरठ और प्रयागराज के बीच का सफर 12 घंटे से घटकर मात्र 6 घंटे रह जाएगा।

मुख्यमंत्री ने किया ‘अन्नदाताओं’ का नमन

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस महापरियोजना की सफलता का श्रेय प्रदेश के किसानों को दिया। उन्होंने बताया कि इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए 12 जिलों के एक लाख से अधिक किसानों ने स्वेच्छा से अपनी भूमि उपलब्ध कराई। सीएम योगी ने कहा, “मैं उन सभी अन्नदाता किसानों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं, जिनके सहयोग और त्याग के बिना इस विशाल परियोजना को साकार करना संभव नहीं था।”

​तय समय में पूरा हुआ संकल्प

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मोदी ने दिसंबर 2021 में इस परियोजना की आधारशिला रखी थी। इसे रिकॉर्ड समय और तय समयसीमा के भीतर पूरा करना राज्य सरकार की कार्यक्षमता और विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह एक्सप्रेस-वे मेरठ, हापुड़, संभल, बदायूं, हरदोई, उन्नाव और प्रयागराज सहित 12 प्रमुख जिलों से होकर गुजरता है।

​औद्योगिक क्रांति का बनेगा आधार

गंगा एक्सप्रेस-वे केवल सड़क संपर्क तक सीमित नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री ने भविष्य का खाका पेश करते हुए बताया कि मुख्य परियोजना के लिए 18,000 एकड़ भूमि के अधिग्रहण के अलावा, एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक क्लस्टर और लॉजिस्टिक्स हब विकसित करने के लिए 7,000 एकड़ अतिरिक्त भूमि चिह्नित की गई है। यह कदम राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के लाखों अवसर पैदा करेगा।

​दिग्गजों की मौजूदगी

उद्घाटन समारोह के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, और केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में विश्वास जताया कि यह परियोजना ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को नई गति प्रदान करेगी।