उत्तर प्रदेश: सूबे में 42 हजार होमगार्ड पदों के लिए आयोजित की जा रही विशाल भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखने को मिले। एक तरफ प्रशासन तकनीक के जरिए सुचिता बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ कानपुर में नकल माफियाओं ने सेंधमारी के लिए ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) का सहारा लेकर सबको चौंका दिया। हालांकि, पुलिस की सक्रियता ने इस हाईटेक साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया।
AI और प्रिंटर से उत्तर तैयार करने का खेल:
कानपुर में पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए केमिस्ट्री के एक लेक्चरर समेत तीन लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ये आरोपी एनसीसी के एक बंद कमरे को अपना कंट्रोल रूम बनाकर वहां एआई (AI) तकनीक और प्रिंटर की मदद से सवालों के जवाब तैयार कर रहे थे। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर इस गिरोह का भंडाफोड़ किया और तीनों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
कड़ा पहरा और तकनीक का इस्तेमाल:
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा का स्तर इतना ऊंचा था कि अभ्यर्थियों को रेटिना स्कैन और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की अग्निपरीक्षा से गुजरना पड़ा। पूरी जांच प्रक्रिया के बाद ही उम्मीदवारों को हॉल में प्रवेश की अनुमति मिली। भर्ती बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, पहले दिन राज्य के 74 जिलों में आयोजित परीक्षा में उपस्थिति लगभग 75.33 प्रतिशत रही। करीब 8.44 लाख अभ्यर्थियों में से 6.35 लाख से अधिक ने अपनी किस्मत आजमाई, जबकि 25 फीसदी उम्मीदवार अनुपस्थित रहे।
एक दर्दनाक हादसा और बोर्ड की गाइडलाइन:
परीक्षा के उत्साह के बीच लखनऊ से एक दुखद खबर भी आई, जहाँ परीक्षा देने जा रहे एक अभ्यर्थी की सड़क हादसे में जान चली गई। वहीं, भर्ती बोर्ड ने इस बार संवेदनशीलता का भी परिचय दिया है। केंद्रों को सख्त निर्देश दिए गए थे कि किसी भी महिला अभ्यर्थी का मंगलसूत्र या धार्मिक प्रतीक जैसे कलावा न उतरवाया जाए। बोर्ड ने साफ किया है कि सांस्कृतिक गरिमा का उल्लंघन करने वाले कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि 100 अंकों की इस बहुविकल्पीय परीक्षा के लिए करीब 25 लाख युवाओं ने दावेदारी पेश की है। प्रशासन के लिए चुनौती बड़ी है, लेकिन एआई जैसे आधुनिक खतरों से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है।


