नोएडा बवाल पर सरकार का ‘आधी रात’ वाला एक्शन: करीब 3000 रुपय तक बढ़ी सैलरी, 300 उपद्रवी गिरफ्तार

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नोएडा/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल हब नोएडा में सोमवार को बवाल के बाद योगी सरकार ने डैमेज कंट्रोल शुरू कर दिया है। 42 हजार कर्मचारियों के उग्र प्रदर्शन और करोड़ों की संपत्ति के नुकसान के बाद, सरकार ने सोमवार देर रात करीब डेढ़ बजे न्यूनतम मजदूरी दरों में ₹3000 तक की बढ़ोतरी के आदेश जारी कर दिए। यह नई दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी।

​अफवाह और हिंसा का चक्रव्यूह:

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी हिंसा की जड़ एक ‘डिजिटल अफवाह’ थी। सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाई गई कि सरकार ने न्यूनतम वेतन ₹20,000 कर दिया है, जिसे कंपनियां लागू नहीं कर रही हैं। इसी भ्रामक खबर ने 9 अप्रैल से चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन को हिंसक बना दिया। जांच में 50 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान हुई है जिन्होंने भीड़ को उकसाया।

​कब्रिस्तान जैसी शांति और सुरक्षा का घेरा:

मंगलवार सुबह नोएडा की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। इंडस्ट्रियल फेज-2, सेक्टर-57, 85 और अन्य संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल के साथ RAF (रैपिड एक्शन फोर्स) और PAC के जवान तैनात हैं। सुबह 5 बजे से ही फ्लैग मार्च किया जा रहा है और ड्रोन कैमरों के जरिए भीड़ के जमावड़े पर नजर रखी जा रही है।

अब तक की बड़ी कार्रवाई:

पुलिस ने अब तक 300 से अधिक उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। प्रदर्शनकारियों ने 350 से ज्यादा फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ की और 200 से अधिक वाहनों को नुकसान पहुँचाया। डीजीपी राजीव कृष्ण और एडीजी अमिताभ यश खुद कंट्रोल रूम से सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रहे हैं।

वेतन वृद्धि का पूरा गणित (नई दरें)

सरकार ने उत्तर प्रदेश को तीन श्रेणियों में बांटकर वेतन वृद्धि लागू की है। सबसे अधिक लाभ दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद के श्रमिकों को मिला है।

चार्ट के अनुसार, गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 11313 से बढ़ाकर 13690 कर दी गई है, यानी 2377 की वृद्धि हुई है। वहीं अर्धकुशल श्रमिकों की मजदूरी 12445 से बढ़ाकर 15059 की गई है। इसमें 2614 की बढ़ोतरी हुई है। जबकि, कुशल श्रमिकों के लिए मजदूरी 13940 से बढ़ाकर 16868 कर दी गई है, जो 2928 की वृद्धि दर्शाती है।

अन्य नगर निगम क्षेत्रों में अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 11313 से बढ़ाकर 13006 की गई है, यानी 1693 की वृद्धि हुई है। अर्धकुशल श्रमिकों की मजदूरी 12445 से बढ़ाकर 14306 की गई है। इसमें 1861 का इजाफा हुआ है। जबकि, कुशल श्रमिकों की मजदूरी 13940 से बढ़ाकर 16025 कर दी गई है, जो 2085 की बढ़ोतरी है।

इसी तरह अन्य जिलों में अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 11313 से बढ़ाकर 12356 की गई है, यानी 1043 की वृद्धि हुई है। अर्धकुशल श्रमिकों के लिए यह 12445 से बढ़ाकर 13591 की गई है। इसमें 1146 का इजाफा हुआ है, जबकि कुशल श्रमिकों की मजदूरी 13940 से बढ़ाकर 15224 कर दी गई है जो 1284 की वृद्धि है।

शासनादेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान समय में उद्योग जगत कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि निर्यात में कमी और उत्पादन लागत बढ़ने जैसी कई आर्थिक चुनौतियों से गुजर रहा है। इसके बावजूद श्रमिकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए यह संतुलित निर्णय लिया गया है। ताकि, श्रमिकों को राहत मिल सके। उद्योगों की कार्यप्रणाली भी प्रभावित न हो।

​प्रशासन की अपील:

प्रशासन ने मजदूरों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और बढ़ी हुई सैलरी के आदेश के बाद अपने काम पर लौटें। पुलिस उन व्हाट्सएप ग्रुप्स और सोशल मीडिया हैंडल्स पर सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है जिन्होंने कानून-व्यवस्था को चुनौती दी।