यूपी में मौसम का ‘हाई अलर्ट’: पश्चिमी विक्षोभ ने बिगाड़ा मिजाज, 50 जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी

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​लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर पूरी तरह बदल गया है। सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण प्रदेश में कभी चिलचिलाती धूप तो कभी घने बादलों का डेरा नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार के लिए प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।

कानपुर, लखनऊ, आगरा और वाराणसी समेत 50 से अधिक जिलों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि और भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

​अगले 72 घंटे रहेंगे भारी: मौसम विभाग की चेतावनी

​आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार के अनुसार, वायुमंडल में सक्रिय अस्थिरता के कारण गुरुवार तक पूरे उत्तर प्रदेश में मौसम का रुख आक्रामक रहेगा। लखनऊ और इसके आसपास के इलाकों में मंगलवार को बादल छाए रहेंगे, लेकिन असली असर बुधवार को दिखेगा जब तेज गर्जना के साथ वज्रपात (आकाशीय बिजली) और बारिश होने की आशंका है.

इस मौसमी बदलाव के चलते प्रदेश के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत तो मिलेगी लेकिन मुश्किलें भी बढ़ेंगी।

​अन्नदाता पर संकट: कटाई के समय ‘आसमानी आफत’

​यह बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि किसानों के लिए किसी त्रासदी से कम नहीं है। प्रदेश में इस समय गेहूं की कटाई का सीजन चरम पर है। ऐसे में खेतों में खड़ी और कटी हुई फसल के बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया है। पहले से ही कई जिलों में ओले गिरने से फसलों को नुकसान पहुँचा है, और अब अगले दो दिनों की चेतावनी ने किसानों की रातों की नींद उड़ा दी है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है।

​इन क्षेत्रों में दिखेगा सबसे ज्यादा असर

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल तक विक्षोभ का असर दिखाई देगा। मेरठ, गाजियाबाद, बरेली जैसे पश्चिमी जिलों के साथ-साथ प्रयागराज और वाराणसी जैसे पूर्वी जिलों में भी धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की हिदायत दी है।