अहमदाबाद: भारत की अग्रणी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी, अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने वित्त वर्ष 2025-26 में एक ऐसी सफलता हासिल की है, जिसने वैश्विक ऊर्जा जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। कंपनी ने मात्र एक वर्ष के भीतर 5,051 मेगावॉट (5 GW से अधिक) की नई स्वच्छ ऊर्जा क्षमता को अपने पोर्टफोलियो में जोड़ा है।
इसके साथ ही AGEL का कुल परिचालन पोर्टफोलियो अब 19.3 गीगावॉट के प्रभावशाली स्तर पर पहुँच गया है। विशेष बात यह है कि चीन को छोड़कर, दुनिया की किसी भी कंपनी द्वारा एक साल में किया गया यह सबसे बड़ा ‘ग्रीनफील्ड’ विस्तार है।
ऊर्जा का नया समीकरण
इस नई जोड़ी गई क्षमता में विविधता और आधुनिक तकनीक का संगम है:
सोलर: 3,409 मेगावॉट (3.4 GW)
विंड (पवन ऊर्जा): 686 मेगावॉट (0.7 GW)
हाइब्रिड (विंड-सोलर): 956 मेगावॉट (1 GW)
इस विस्तार का पर्यावरण पर सीधा और सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अनुमान है कि इससे हर साल लगभग 10 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, जबकि कंपनी का पूरा पोर्टफोलियो सालाना 36 मिलियन टन कार्बन को ऑफसेट करने में सक्षम है।
खावड़ा: ऊर्जा का भविष्य
इस उपलब्धि का केंद्र बिंदु गुजरात के खावड़ा में स्थित दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट है। 538 वर्ग किलोमीटर (पेरिस शहर से पांच गुना बड़ा) में फैले इस विशाल प्रोजेक्ट में एजीईएल ने अब तक 9,413 मेगावॉट की क्षमता स्थापित कर ली है। कंपनी का लक्ष्य 2029 तक यहाँ 30 गीगावॉट क्षमता विकसित करने का है।
इस अवसर पर सागर अदाणी (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, AGEL) ने कहा, “एक साल में 5 गीगावॉट क्षमता जोड़ना न केवल हमारी टीम की मेहनत का प्रमाण है, बल्कि यह भारत के ‘क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन’ को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान देता है। यह उपलब्धि हमें 2030 तक 50 गीगावॉट के अपने महा-लक्ष्य के और करीब ले आई है। हम देश की ऊर्जा सुरक्षा और लो-कार्बन इकोनॉमी के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं।”
अत्याधुनिक तकनीक और स्थिरता
खावड़ा प्रोजेक्ट में न केवल बिजली बनाई जा रही है, बल्कि आधुनिक इंजीनियरिंग का प्रदर्शन भी हो रहा है:
बैटरी स्टोरेज: यहाँ 1,376 मेगावॉट-घंटे का दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-लोकेशन बैटरी स्टोरेज (BESS) सिस्टम शुरू किया गया है।
स्मार्ट मॉड्यूल्स: यहाँ एडवांस ‘बाइफेशियल’ सोलर मॉड्यूल्स और सोलर ट्रैकर्स का उपयोग हो रहा है, जो सूरज की सीधी और परावर्तित दोनों किरणों से बिजली बनाते हैं।
विशाल टर्बाइन्स: प्लांट में 5.2 मेगावॉट के दुनिया के सबसे शक्तिशाली ऑनशोर विंड टर्बाइन्स लगाए गए हैं।
जल संरक्षण: मॉड्यूल्स की सफाई के लिए ‘वॉटरलेस’ रोबोटिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पानी की भारी बचत हो रही है।
ग्लोबल लीडर के रूप में पहचान
अदाणी ग्रीन एनर्जी केवल उत्पादन में ही नहीं, बल्कि मानकों में भी अग्रणी है। वर्ष 2025 के लिए ‘एनर्जी इंटेलिजेंस’ की टॉप 100 ग्रीन यूटिलिटीज सूची में कंपनी को पहला स्थान मिला है। साथ ही, NSE सस्टेनेबिलिटी रेटिंग्स में भी एजीईएल को भारत के पावर सेक्टर में टॉप परफॉर्मर का दर्जा दिया गया है।

