आगरा। चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर करौली स्थित मां कैला देवी के दर्शनों के लिए जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं की राह अब आसान होने वाली है। उत्तर प्रदेश और राजस्थान परिवहन निगम ने संयुक्त बैठक कर श्रद्धालुओं के लिए बसों का बड़ा बेड़ा उतारने का निर्णय लिया है। मेला अवधि के दौरान दोनों राज्यों के बीच 140 बसों का संचालन होगा और यात्रियों की सुविधा के लिए किराया भी एक समान रखा गया है।
20 मार्च से शुरू होगा मुख्य पर्व, 3 अप्रैल तक चलेंगी बसें
क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय आगरा में 11 मार्च को हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में तय किया गया कि कैला देवी मेला 2026 का आयोजन 14 मार्च से 3 अप्रैल तक होगा। इसमें मुख्य पर्व की अवधि 20 मार्च से 29 मार्च तक रहेगी। इस दौरान आगरा से कैला देवी जाने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए परिवहन व्यवस्था को चाक-चौबंद किया गया है।
किराया और बसों का संचालन
श्रद्धालुओं को टिकट दरों को लेकर किसी तरह का भ्रम न हो, इसके लिए यूपी और राजस्थान रोडवेज ने सर्वसम्मति से 270 रुपये का किराया निर्धारित किया है। दोनों राज्यों की 70-70 बसें (कुल 140) आगरा के ईदगाह और बिजलीघर बस स्टैंड से सीधे कैला देवी धाम के लिए उपलब्ध रहेंगी।
ये होंगे ‘मेला अधिकारी’: हेल्पलाइन नंबर जारी
सुचारू व्यवस्था के लिए दोनों राज्यों ने अपने नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिए हैं:
उत्तर प्रदेश रोडवेज: हेमंत तिवारी (सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, ईदगाह) – मो. 8726005031
राजस्थान रोडवेज: रवि कुमार मेहरा (मुख्य मेला अधिकारी) – मो. 7976625798
धौलपुर डिपो: जगजीत सिंह (मुख्य प्रबंधक) – मो. 9549653211
सुरक्षा के लिए चेकपोस्ट और निगरानी
भक्तों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए ऊंचा नगला और गंगापुर सिटी मोड़ पर विशेष चेक पोस्ट स्थापित की जाएंगी। यहां दोनों राज्यों की परिवहन टीमों द्वारा बसों के संचालन और यातायात व्यवस्था की निगरानी की जाएगी, ताकि मार्ग पर जाम की स्थिति न बने और श्रद्धालुओं को सीधी व सुलभ सुविधा मिले।
परिवहन अधिकारियों के अनुसार, इस बार किराया और बसों की संख्या पहले से तय होने के कारण डग्गामार वाहनों पर भी लगाम लगेगी और श्रद्धालुओं को सरकारी बसों में सम्मानजनक सफर मिलेगा।

