लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में ‘जनता दर्शन’ के दौरान प्रदेश भर से आए सैकड़ों लोगों की समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने न केवल फरियादियों को त्वरित न्याय का भरोसा दिलाया, बल्कि प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देश दिए कि जनसमस्याओं का निस्तारण समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
बच्चों को दी सलाह: ‘सोशल मीडिया घातक, किताबों पर दें ध्यान’
जनता दर्शन में अपने अभिभावकों के साथ आए छोटे बच्चों को देखकर सीएम योगी का कोमल पक्ष भी सामने आया। उन्होंने बच्चों को दुलारते हुए उन्हें चॉकलेट भेंट की और उनकी पढ़ाई-लिखाई का हाल जाना। इस दौरान एक बच्चे को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “खूब किताबें पढ़ो। सोशल मीडिया और मोबाइल का इस्तेमाल सिर्फ जरूरत पड़ने पर ही करो, इसका अत्यधिक प्रयोग भविष्य के लिए घातक हो सकता है।”
निवेशकों की सुरक्षा और विकास पर जीरो टॉलरेंस
कार्यक्रम के दौरान दो उद्यमियों ने निवेश और औद्योगिक कार्यों में आ रही बाधाओं का जिक्र किया। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए सीएम योगी ने यूपीसीडा (UPSIDA) और संबंधित जिला प्रशासन को तत्काल समाधान के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए हमने बेहतरीन माहौल तैयार किया है। उद्योगों के विकास में किसी भी तरह की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उद्यमियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर होना चाहिए।”
अवैध कब्जे और पुलिस की सुस्ती पर भड़के सीएम
कासगंज से आए एक पीड़ित ने जब पुलिसिया कार्रवाई में देरी की शिकायत की, तो मुख्यमंत्री ने तत्काल जिले के पुलिस अधीक्षक को मामले का संज्ञान लेने का निर्देश दिया। अवैध कब्जे और पारिवारिक विवाद से जुड़ी शिकायतों पर मुख्यमंत्री काफी सख्त नजर आए। उन्होंने कहा कि अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए और पीड़ितों को तत्काल राहत पहुंचाई जाए।
सीएम ने सभी फरियादियों को आश्वस्त करते हुए कहा, “आप निश्चिंत होकर घर जाइए, आपकी समस्याओं का समाधान करना सरकार की प्रतिबद्धता है।”

