पटना। बिहार की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार कल यानी रविवार, 8 मार्च को आधिकारिक रूप से जनता दल यूनाइटेड (JDU) की सदस्यता ग्रहण करेंगे। शनिवार को जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में इस पर अंतिम मुहर लग गई है।
संजय झा के आवास पर हुई मैराथन बैठक
शनिवार को संजय झा के दिल्ली स्थित आवास पर पार्टी की एक अहम बैठक चली, जिसमें निशांत कुमार खुद मौजूद रहे। बैठक खत्म होने के बाद संजय झा ने मीडिया से बात करते हुए साफ किया कि पार्टी के पुराने साथियों, विधायकों और शुभचिंतकों की लंबे समय से इच्छा थी कि निशांत कुमार राजनीति में आएं और पार्टी के लिए काम करें।
मुख्यमंत्री के सामने रखा गया प्रस्ताव
संजय झा ने बताया कि शुक्रवार शाम को मुख्यमंत्री आवास पर हुई विधानमंडल दल की बैठक में, जिसमें सभी विधायक, एमएलसी और सांसद मौजूद थे, उन्होंने खुद निशांत कुमार को पार्टी में लाने का प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में सभी नेताओं ने एक स्वर में समर्थन किया। आज निशांत कुमार ने पार्टी के युवा विधायकों के साथ भी अनौपचारिक मुलाकात की है।
”नीतीश कुमार ही रहेंगे बॉस, भ्रम न पालें”
नीतीश कुमार की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों और उनके दिल्ली प्रवास पर संजय झा ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “कोई कन्फ्यूजन न फैलाया जाए। जब तक सदन (संसद) दिल्ली में चलेगा, नीतीश जी दिल्ली में रहेंगे, बाकी समय वह बिहार में रहेंगे। उनके सहयोग और मार्गदर्शन से ही बिहार की सरकार चलेगी।”
कल 1 बजे होगा शक्ति प्रदर्शन
निशांत कुमार रविवार दोपहर 1 बजे पटना स्थित जदयू प्रदेश कार्यालय में पार्टी की सदस्यता लेंगे। माना जा रहा है कि निशांत की एंट्री से जदयू को युवाओं के बीच एक नया चेहरा मिलेगा और पार्टी के भीतर ‘उत्तराधिकारी’ को लेकर चल रही अटकलों पर भी विराम लगेगा।

