आगरा। ताजनगरी में बुधवार की सुबह सर्दी ने “डबल अटैक” किया। घना कोहरा और आसमान से टपकती ओस की फुहारों ने गलन को इस कदर बढ़ा दिया कि लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। 10 डिग्री सेल्सियस के न्यूनतम तापमान और बर्फीली हवाओं के बीच जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त नजर आया।
4 साल का टूटा रिकॉर्ड
मौसम के आंकड़ों ने इस बार चिंता बढ़ा दी है। साल 2022 से 2026 के बीच, 3 फरवरी का सबसे कम अधिकतम तापमान इसी वर्ष रिकॉर्ड किया गया है। यानी पिछले 4 सालों में इस तारीख को दिन के समय इतनी ठंड कभी नहीं रही। हालांकि रात का पारा स्थिर है, लेकिन दिन की गलन ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है।
रेल और सड़क यातायात पर ‘फॉग’ का ब्रेक
कोहरे की वजह से विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम रही, जिसका असर सीधे सफर पर पड़ा। कई ट्रेनें प्रभावित रही नई दिल्ली–भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस करीब 45 मिनट देरी से पहुंची। इसके अलावा ताज एक्सप्रेस और वंदे भारत जैसी वीआईपी ट्रेनें भी कोहरे के कारण पिछड़ गईं।
हाईवे का हाल भी कोहरे की वजह से कुछ अच्छा नही रहा। यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा-दिल्ली हाईवे पर वाहन रेंगते नजर आए। चालकों को दिन में भी फॉग लाइट का सहारा लेना पड़ा।
अगले 48 घंटे ‘अलर्ट’ पर
मौसम विभाग की मानें तो अभी राहत मिलने के आसार नहीं हैं। अगले दो दिनों तक सुबह घना कोहरा छाया रहेगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगले 48 घंटों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में और गिरावट आ सकती है और गलन बढ़ सकती है।

